नई दिल्ली [राकेश सिंह]। चाइनीज एप के जरिए देशभर में पांच लाख से अधिक लोगों से 150 करोड़ की ठगी मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने प्रवर्तन निदेशालय व आयकर विभाग से भी जांच करने का अनुरोध किया है। पुलिस ने इसके लिए पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चीन में बैठे एप निर्माता ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड ने भारत में रहने वाले अपने एजेंटों के जरिए देशभर के लाखों लोगों को शिकार बनाया है। बिटकाइन व अन्य माध्यमों से लोगों से ठगे गए करोड़ो रुपये चीन भेजे गए हैं। ऐसे में मनी लांड्रिंग का मामला होने पर प्रवर्तन निदेशालय भी दिल्ली पुलिस की एफआइआर के आधार पर केस दर्ज कर विस्तृत जांच जल्द शुरू करेगी।

उधर आयकर विभाग भी आरोपितों को नोटिस भेज उनसे पैसे के स्रोत के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ठगी के मामले में अभी गिरफ्तार किए गए 11 आरोपितों से पुछताछ के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रवर्तन निदेशालय व आयकर विभाग को भेजा गया है ताकि उसी आधार पर दोनों एजेंसी भी आगे की कार्रवाई शुरू कर सके। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन आरोपितों को कई लोगों ने सिम कार्ड उपलब्ध कराया। साथ ही बिटकाइन खाता खुलवाकर दिया जिसके जरिए पैसे चीन भेजे गए। इसके अलावा भी गिरफ्तार किए गए दोनों सीए दिल्ली निवासी रौनक बंसल व गुरुग्राम निवासी अविक केडिया द्वारा ठगी के बनाई गई 110 फर्जी कंपनियों में बनाए गए डायरेक्टर आदि की भी पहचान हुई है। बड़ी संख्या में आरोपितों की पहचान हुई है, जिन्हें पकड़ा जाएगा।

पुलिस का कहना है कि इस धंधे में कई चीन के नागरिक शामिल हो सकते हैं। अभी प्रथमदृष्टया जांच से पता चला है कि आठ चाइनीज ने उक्त पावर बैंक एप बनाया। हर राज्य में इसके अगल-अलग माड्यूल हो सकते हैं। सभी राज्यों की पुलिस को इस रैकेट से जुड़े आरोपितों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की जरूरत है। सबसे अधिक नौकरी पेशा करने वाले युवा इस चाइनीज गिरोह के ठगी में शिकार बने हैं।

ज्ञात रहे साइबर सेल ने चाइनीज एप पावर बैंक और ईजी प्लान के जरिये 5 लाख लोगों से 150 करोड़ की ठगी करने के मामले में 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जिनमें सीए रौनक बंसल व अविक केडिया के अलावा शेख राबिन, उमाकांत, आकाश जोयस, वेद चंद्रा, हरिओम, अभिषेक, शशि बंसल, मिथिलेश शर्मा, अरविंद शामिल हैं।

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