राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आनंद विहार में स्माग टावर का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए तीन महीने का समय और मांगा है। ऐसे में अब यह 31 अगस्त तक ही तैयार हो सकेगा। गौैरतलब है कि निर्माण एजेंसियां सीपीसीबी से लाकडाउन के दौरान निर्माण जारी रखने का आदेश मांगा था लेकिन कई महीने श्रमिकों की अनुपस्थिति के कारण परियोजना में विलंब हो गया है।

सीपीसीबी अधिकारियों के अनुसार आनंद विहार स्थित स्माग टावर अब 31 अगस्त तक तैयार हो सकेगा। पूर्व में इसे चार जून तक तैयार किया जाना था। आनंद विहार स्थित स्माग टावर की ऊंचाई 25 मीटर होगी। कनाट प्लेस में भी दूसरे स्माग टावर का निर्माण किया जा रहा है। स्माग टावर पर 22 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह स्माग टावर एक किलोमीटर क्षेत्रफल में प्रदूषण स्तर पीएम 2.5 को 70 फीसद कम करेगा।

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को आनंद विहार में व दिल्ली सरकार को कनाट प्लेस में स्माग टावर लगाने का निर्देश जनवरी महीने में दिया था। दोनों स्माग टावर को निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं किया जा सका है। मालूम हो कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस परियोजना के निर्माण कार्य का जिम्मा टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सौंपा है। इस एजेंसी ने आनंद विहार मेट्रो स्टेशन के सामने खोदाई कार्य शुरू कर दिया है।

आइआइटी बॉम्बे की तकनीक और उनके द्वारा तैयार डिजाइन पर स्मॉग टावर बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर 18.53 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि यह टावर प्रयोग के तौर पर लगाया जा रहा है। इसके परिणाम अच्छे मिले तो राजधानी में अन्य स्थानों पर इस तरह के स्मॉग टावर बनाने की परियोजना पर काम किया जाएगा।

सीपीसीबी ने प्रदूषण के कारकों को लेकर सख्ती बरतने के दिए निर्देश

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय कारकों के प्रति सख्त रवैया अपनाने का निर्देश दिया है। इसके लिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार को पत्र लिखने के साथ-साथ इन सभी राज्यों के स्थानीय निकायों को भी पत्र की प्रति भेजी गई है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari