नई दिल्ली [जेएनएन]। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि बाल अपराध पर लगाम लगाने के लिए एनजीटी की ही तरह तत्काल एक ट्रिब्यूनल का गठन हो, जिसके पास दंडित करने का आदेश हो और जो बाल अपराध से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण कर सके।

न्याय का मतलब ही बेमानी हो जाता है

सत्यार्थी कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। बचपन बचाओ आंदोलन के जनक कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि आज भी बाल अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई में वर्षो लग जाते हैं, जिससे न्याय का मतलब ही बेमानी हो जाता है।

न्यू इंडिया के साथ सेफ इंडिया

सत्यार्थी ने न्यू इंडिया के साथ सेफ इंडिया का भी नारा दिया ताकि भारत का भविष्य सुरक्षित रहे। बाल यौन अपराध व शोषण के खिलाफ देश के लोगों को और संवेदनशील होने का आग्रह करते हुए कहा कि इसे लेकर लोगों को जागरूक होने के साथ उठ खड़ा होने की जरूरत है। तभी अपने बच्चों को उत्पीड़न और शोषण से बचा पाएंगे। 

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Posted By: Amit Mishra

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