नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। 5जी नेटवर्किंग के खिलाफ दायर वाद को खारिज करने के संबंध में दायर की गई याचिका को अभिनेत्री जूही चावला ने बृहस्पतिवार को वापस ले लिया। जूही चावला समेत अन्य ने आवेदन दाखिल करके मांग की है कि एकल पीठ की तरफ से 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर खारिज की गई याचिका में खारिज की जगह निरस्त शब्द का इस्तेमाल किया जाए। 12 जुलाई को इस मामले की सुनवाई से न्यायमूर्ति संजीव नरुला ने खुद को अलग कर लिया था।

बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति जयंत नाथ की पीठ ने चावला की तरफ से अधिवक्ता दीपक खोसला द्वारा याचिका वापस लेने के संबंध में की गई मांग को स्वीकार किया। पीठ ने कहा कि याचिका को वापस लिए जाने के रूप में खारिज किया जाता है। 5-जी नेटवर्क के खिलाफ दायर याचिका पब्लिसिटी स्टंट बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर खारिज कर दिया था।

इससे पहले हाई कोर्ट ने कहा था कि फैसले में खारिज शब्द को निरस्त लिखने की मांग वाले आवेदन को कोर्ट फीस जमा करने के बाद ही सुनेगी। इसके बाद अभिनेत्री जूही चावला ने बीस लाख रुपये जमा करा दिए थे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, 5जी नेटवर्किंग के खिलाफ जूही चावला ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। पांच जून को याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा था कि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के साथ ही अदालत का समय भी बर्बाद करने वाली याचिका है। यह याचिका दोषपूर्ण है और पब्लिसिटी हासिल करने के लिए दायर की गई है। कोर्ट ने कहा था कि जूही चावला ने अदालत की वीडियो कांफ्रेंसिंग का लिंक अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर साझा किय। इसकी वजह से एक अज्ञात व्यक्ति ने सुनवाई को बाधित किया। इस पर कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगाई थी। 

Edited By: Mangal Yadav