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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Trade Fair 2021: झारखंड पवेलियन में दिख रही रोजगार की किरण, ज्वेलरी बनी आकर्षण का केंद्र

By Mangal YadavEdited By:
Published: Tue, 16 Nov 2021 03:38 PM (IST)Updated: Tue, 16 Nov 2021 04:35 PM (IST)

India International Trade Fair 2021 झारखंड पवेलियन में मिट्टी और लकड़ी से बनी ज्वेलरी को प्रदर्शित किया जा रहा है ...और पढ़ें

मेले के झारखंड पवेलियन में एलईडी चूड़ियां दिखाती महिला। ध्रुव कुमार
मेले के झारखंड पवेलियन में एलईडी चूड़ियां दिखाती महिला। ध्रुव कुमार

नई दिल्ली [राहुल सिंह]। झारखंड का नाम सुनते ही लोगों के मन में नक्सलियों की छवि बननी लगती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब झारखंड के नक्सली इलाकों में बड़े पैमाने पर स्थानीय सरकार युवाओं को रोजगार से अवसर प्रदान कर रही है। प्रगति मैदान में लगे अंतरराष्ट्रीय भारतीय व्यापार मेले में पहली बार नक्सली इलाकों में लघु उद्योगों के तहत बनी वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पवेलियन में विशेष तौर से प्रदर्शित किया गया है।

पवेलियन में सोमवार को राज्य के स्थापना दिवस और धरती बाबा बिरसा मुंडा की जयंती भी मनाई गई। इस अवसर पर केक काटकर और बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान झारखंड के लोक गीतों और वहां के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

झारखंड के जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक सुनील कुमार ने बताया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार काम रही है, जिसमें लघु उद्योग पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खूंटी जिले में बनने वाले लाह की चूड़ी, कानों के कुंडल के अलावा नक्सली इलाकों में शामिल सरायकेला, चतरा, गढ़वा, गुमला, खूंटी, बोकारो में बनने वाले सामान को पवेलियन में लाया गया है। इसमें सरायकेला की प्राकृतिक हल्दी भी शामिल है, जिसमें सबसे अधिक क्योमिन की मात्र पाई जाती है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा सोहराय की मिट्टी से की जाने वाली पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।

गलत रास्ते पर जाने से बच रहे युवा

पवेलियन में झारखंड के खूंटी से आए गौरव ने बताया कि पहले रोजगार नहीं होने के कारण युवा नक्सलियों के साथ शामिल हो जाते थे, लेकिन अब सरकार लघु उद्योग को बढ़ावा दे रही है, जिसके चलते अब युवा गलत रास्ते पर जाने से बच रहे हैं। स्टाक संचालिका ¨पकी ने बताया कि वह बांस और मक्के के छिलके से डिजाइनर ज्वेलरी बनाकर मेले में लाई हैं।

झारखंड पवेलियन में मिट्टी और लकड़ी से बनी ज्वेलरी को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो खास तौर से नक्सली इलाकों में बनाकर तैयार की जाती है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मेले में लाया गया है। इनमें मिट्टी से तैयार किए गए हार और मंगलसूत्र, कुंडल, कंगन शामिल हैं। मिट्टी से बनाने के बाद उन पर रंग किया जाता है, जो देखने में बहुत ही सुंदर लग रहे हैं। वहीं एलईडी चूड़ियां भी खूब लुभा रहीं हैं।