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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार, हवा अब भी खराब; GRAP के चौथे चरण के प्रतिबंध से फिलहाल राहत

By sanjeev GuptaEdited By: Pradeep Kumar Chauhan
Published: Wed, 02 Nov 2022 10:46 PM (IST)Updated: Wed, 02 Nov 2022 10:53 PM (IST)

Delhi Air Pollution पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की 3825 घटनाएं रिकार्ड की गई। यह सीजन का ...और पढ़ें

Delhi Air Pollution: एयर इंडेक्स 400 से नीचे आ गया। प्रतीकात्मक तस्वीर।
Delhi Air Pollution: एयर इंडेक्स 400 से नीचे आ गया। प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। Delhi Air Pollution: अपेक्षाकृत बेहतर मौसमी परिस्थितियों के चलते बुधवार को दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ। एयर इंडेक्स 400 से नीचे आ गया। लेकिन अभी भी हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। इस बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कहा कि ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने जैसे ग्रेप के चौथे चरण के प्रतिबंधों को लागू करने की हाल फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी एयर क्वालिटी बुलेटिन के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 376 रहा।

एनसीआर के सभी शहरों में एयर इंडेक्स में सुधार 

मंगलवार को यह 424 था। यानी चौबीस घंटे के भीतर इसमें 48 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। इस श्रेणी की हवा को बहुत खराब कहा जाता है। यह बात अलग है कि दिल्ली के अनेक इलाकों का एयर इंडेक्स अभी भी गंभीर ही है। एनसीआर के शहरों में फरीदाबाद का एयर इंडेक्स 346, गाजियाबाद का 332, ग्रेटर नोएडा का 336, गुरुग्राम का 310 और नोएडा का 339 दर्ज किया गया। मंगलवार की तुलना में एनसीआर के इन सभी शहरों के एयर इंडेक्स में कुछ कमी देखने को मिली।

हवा अभी भी गंभीर श्रेणी में दर्ज

बुधवार को हवा की गुणवत्ता में सुधार से पालम और सफदरजंग हवाई अड्डों पर दृश्यता स्तर का स्तर भी 1500 मीटर तक देखने को मिला। हालांकि आनंद विहार (422), बवाना (431), वजीरपुर (418), नरेला (406), विवेक विहार (405), पटपड़गंज (410), जहांगीरपुरी (422), सोनिया विहार (417), नेहरू में निगरानी स्टेशन नगर (406) और अशोक विहार (406) की वायु गुणवत्ता ''गंभीर'' श्रेणी में बरकरार रही।केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाली पूर्वानुमान एजेंसी सफर इंडिया के मुताबिक अनुकूल परिवहन-स्तरीय हवा की गति के कारण दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी बुधवार को 12 प्रतिशत दर्ज की गई।

पंजाब, हरियाणा व यूपी में पराली जलाने की 3825 घटनाएं

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की 3825 घटनाएं रिकार्ड की गई। यह सीजन का सर्वाधिक आंकड़ा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हवा की गति आठ किमी प्रति घंटे तक रहने के कारण प्रदूषक तत्व जमने की बजाए उड़ते गए।सफर और मौसम विभाग के अनुसार पराली जलाने के मामलों में वृद्धि के कारण बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच जाने की संभावना है। इसके बाद पर तेज हवा चलने के कारण शनिवार को स्थिति में सुधार होने का अनुमान है।

ग्रेप के चौथे चरण के प्रतिबंध अभी लागू नहीं

सीएक्यूएम के एक अधिकारी के मुताबिक पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर एक विशेष सीमा को छूने के बाद ही ग्रेप के चौथे चरण के उपायों को लागू करेंगे। "गंभीर प्लस" श्रेणी या चौथे चरण में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध, सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति, शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना और सम-विषम आधार पर वाहनों का चलना जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

15.5 डिग्री रहा दिल्ली का न्यूनतम तापमान

बुधवार को भी दिन भर स्माग की हल्की परत देखने को मिली। इस दौरान हल्की धूप भी खिली रही। अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 31.0 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 96 से 46 प्रतिशत रहा। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को आसमान साफ रहेगा। सुबह के समय धुंध होगी। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 32 और 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी के आसपास बने रहने के आसार हैं।

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