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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धड़ल्ले से हो रही पेड़ों की कटाई , सोसायटी वालों ने दर्ज कराई FIR; अब कोर्ट ने क्या कहा?

By Rajesh KumarEdited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 09 Mar 2025 06:08 PM (IST)

न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की पीठ ने इस मामले पर बाहरी दिल्ली के उपायुक्त एसएचओ रानी बाग जिला वन अधिकारी व ...और पढ़ें

दिल्ली रानी बाग थाने के अंदर चल रहा है अवैध पेड़ों की कटाई। फाइल फोटो
दिल्ली रानी बाग थाने के अंदर चल रहा है अवैध पेड़ों की कटाई। फाइल फोटो

HighLights

  1. एसएचओ रानी बाग व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
  2. याचिका में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्रवाई की मांग की गई थी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध के बावजूद रानी बाग थाने के अंदर पेड़ों की अवैध छंटाई और काटने के खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका पर जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की पीठ ने इस मामले पर बाहरी दिल्ली के उपायुक्त, एसएचओ रानी बाग, जिला वन अधिकारी व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सुनवाई 28 मार्च तक

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि एसएचओ रानी बाग व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पर पीठ ने उक्त कार्यवाही से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया और सुनवाई 28 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

अदालत ने उक्त आदेश जनसेवा सोसाइटी की ओर से दायर याचिका पर दिया। याचिका में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्रवाई की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई और छंटाई पर प्रतिबंध को लेकर 29 मई 2023 को आदेश पारित किया था।

दिल्ली में पेड़ों के काटने के नियम

अधिनियम की धारा नौ में कहा गया है कि जो भी व्यक्ति किसी पेड़ को हटाना चाहता है, उसे भूमि स्वामित्व के दस्तावेजों और पेड़ों की परिधि के साथ संबंधित वृक्ष अधिकारी के समक्ष अनुमति के लिए आवेदन करना चाहिए। धारा 29 सरकार को अधिसूचना के माध्यम से जनहित में अधिनियम से "किसी भी क्षेत्र या पेड़ों की किसी भी प्रजाति" को छूट देने का अधिकार देती है।

यह हैं सरकारी आंकड़ें

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम वन प्रभाग के अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों में राजधानी के सभी वन प्रभागों में 8,953 पेड़ों को काटने और 13,486 पेड़ों को प्रत्यारोपित करने की अनुमति दी है। वन विभाग ने इस अवधि के दौरान केंद्रीय वन प्रभाग में 2,866 पेड़ों को काटने और 701 पेड़ लगाने की अनुमति दी।

उत्तर वन प्रभाग में 689 पेड़ों को काटने और 269 पेड़ लगाने की अनुमति दी गई। दक्षिण वन प्रभाग में 982 पेड़ों को काटने और 2,000 पेड़ों को प्रत्यारोपित करने की अनुमति दी गई।

दिल्ली सरकार ने डीपीटीए की धारा 29 के तहत 2019 से 2021 तक 52 अधिसूचनाएं जारी कीं, जिसमें राजधानी में कुल 15,426 पेड़ों को काटने और 32,048 पेड़ों को प्रत्यारोपित करने की अनुमति दी गई।

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