नई दिल्ली, जेएनएन। जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (आरसीए) में सिविल सेवा परीक्षा के लिए मुफ्त में कोचिंग दी जाती है। वर्ष 2014 से 2018 के बीच सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने वाले आरसीए के चार पूर्व छात्रों ने जामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर से मुलाकात कर अकादमी को अपनी सेवाएं देने की पेशकश की है।

नए पैटर्न को ध्‍यान में रखते हुए पढ़ाई की जरूरत बताया

उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की मौजूदा जरूरतों व नए पैटर्न को ध्यान में रखते हुए आरसीए में पढ़ाई करने वाले छात्रों को पढ़ाने एवं प्रशिक्षित करने की बात कही।

और बेहतर बनाने में होगा सहयोग

आरसीए से पढ़ाई कर आरिफ हसन आइएएस बने, गौहर हसन आइपीएस, फराज नबी इंडियन पोस्टल सर्विस ऑफिसर और तनवीर अहमद सीआइएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट बने। इन सभी ने कुलपति प्रो. नजमा अख्तर से अकादमी के प्रदर्शन को और भी बेहतर बनाने में सहयोग देने की बात कही।

प्रशिक्षण और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर ध्‍यान देने की जरूरत

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण व इंफ्रास्ट्रक्चर पर और ध्यान देने की जरूरत है। सफल होने वाले लोगों से छात्रों का संपर्क बढ़ना चाहिए। इससे उन्हें सिविल सेवा परीक्षा के बदलते हुए पैटर्न के बारे में जानकारी मिलेगी। वे छात्रों को साक्षात्कार के बारे में भी बताएंगे।

पूर्व छात्रों का अनुभव आएगा काम

उन्होंने कहा कि आरसीए की सफलता दर को बढ़ाने के लिए पूर्व छात्रों का अनुभव काम आएगा। मुलाकात के दौरान यह राय बनी कि सेवानिवृत्त आइएएस को आरसीए में अतिथि वक्ता के तौर पर बुलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रो. अख्तर ने कहा कि वह इस पर विचार करेंगी और अकादमी अच्छा प्रदर्शन करे, इसके लिए उन्हें इसमें शामिल करने की कोशिश करेंगी।

हर साल सफल हो रहे कुछ छात्र

गौरतलब है कि छात्रों का चयन करने के लिए आरसीए कुछ शहरों में हर वर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन करती है। इस अकादमी से हर वर्ष कुछ छात्र सिविल परीक्षा देकर आइएएस, आइपीएस एवं अन्य नागरिक सेवाओं में सफल होते हैं।

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Posted By: Prateek Kumar

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