ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास के लिए जेवर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास परियोजनाओं पर सरकार की ढृढ़ता जताई। उन्होंने कहा कि इंफ्रा परियोजना हमारे लिए राजनीति नहीं राष्ट्रनीति हैं। इसके आगे स्वार्थ नीति नहीं टिक सकती। हमने तय किया कि इंफ्रा परियोजनाएं अटके नहीं, भटके नहीं, लटके नहीं। तय समय में परियोजना का काम पूरा कराने के लिए जुर्माने का प्रविधान किया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेट-वे बनेगा। देश में इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल कार्गो हब की कल्पना साकार होगी।

युवाओं को मिलेगा रोजगार

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 85 फीसद हवाई जहाज मेंटेनेंस रिपेयर ओवरहालिंग के लिए विदेश जाते हैं। इस पर सालाना 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यह रकम विदेश चली जाती है। हमने तीस हजार करोड़ रुपये में नोएडा एयरपोर्ट परियोजना तैयार कर दी। नोएडा एयरपोर्ट एमआरओ का बड़ा केंद्र बनने से विदेश जाने वाली मुद्रा की बचत होगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा।

आधुनिक भारत के आधुनिक इंफ्रा का निर्माण

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत के आधुनिक इंफ्रा का निर्माण हो रहा है। इंफ्रा परियोजना क्षेत्र का कायाकल्प करती हैं। गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, व्यापारी, उद्यमी को लाभ मिलता है। समुद्र किनारे के राज्यों की सबसे बड़ी ताकत बंदरगाह होते हैं। यूपी लैंडलॉक राज्य है। नोएडा एयरपोर्ट इसकी ताकत बनेगा। एयरपोर्ट से किसानों के फल, सब्जी, मछली जैसे जल्द खराब होने वाले उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच होगी।

पहले सुनना पड़ता था ताना

प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को झूठे सपने दिखाए। पहले सोच थी कि दिल्ली के नजदीक एयरपोर्ट की कोई जरूरत नहीं है। पश्चिम उत्तर प्रदेश जिसका हकदार था उसे वह नहीं मिला। उत्तर प्रदेश को गरीब, घोटाले, खराब सड़क, बंद होते उद्योग, ठप विकास, अपराध, भ्रष्टाचार के गढ़ का ताना सुनना पड़ता था।

जमीन, धन के प्रबंधन पर नहीं होता था कोई विचार

राजनीतिक स्वार्थ के लिए रेवड़ी की तरह इंफ्रा परियोजना की घोषणा, भूमि पूजन के फोटो खिंचते थे। कागजों पर लकीरें खिंचती थी। जमीन, धन के प्रबंधन पर कोई विचार ही नहीं होता था। परियोजना की लागत कई गुना बढ़ जाती थी। जमीन बेकार पड़ी रहती थी। परियोजना को बेकार बताकर बहानेबाजी की जाती थी। एक पूर्व सरकार ने तो केंद्र को पत्र लिखकर नोएडा एयरपोर्ट को रद करने को कहा था।

एयरपोर्ट वक्त की जरूरत

हमने इस सोच को बदला। जुर्माना का प्रविधान कर परियोजना को समयबद्ध किया। एयरपोर्ट वक्त की जरूरत है। पर्यटन व सर्विस क्षेत्र को बढ़ावा मिलता है। हिंडन में यात्री सुविधाएं शुरू हो चुकी है। हिसार में नए हवाई अड्डे पर काम हो रहा है। वैष्णो देवी व केदारनाथ में हेलिकाप्टर सुविधा शुरू होने से श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ी है।उत्तर प्रदेश दो से तीन साल में पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य होगा।

उत्तम सुविधा के नए आयाम स्थापित होंगे। रैपिड रेल, मेट्रो, सड़क, फ्रेट कारिडोर कनेक्टिविटी से यह उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेट-वे बनेगा। उत्तर प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। रेल, एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, हाइवे से अंतरराष्ट्रीय छाप छोड़ रहा है। मेडिकल, शिक्षण, बहुराष्ट्रीय निवेश हो रहा है। यह सक्षम, सशक्त भारत की गारंटी है।

Edited By: Prateek Kumar