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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Jama Masjid Survey: हिंदू संगठनों ने किया दिल्ली की जामा मस्जिद पर दावा, कहा- सर्वे कराने के लिए कोर्ट जाएंगे

By Jp YadavEdited By:
Published: Wed, 18 May 2022 06:10 AM (IST)Updated: Wed, 18 May 2022 08:46 AM (IST)

Delhi Jama Masjid Survey अखिल भारतीय हिंदू महासभा के एक धड़े के सर्वेसर्वा चक्रपाणि महाराज का कहना है कि दिल्ली ...और पढ़ें

ज्ञानवापी प्रकरण के बीच हिंदू संगठनों ने जताया दिल्ली के जामा मस्जिद पर दावा, कहा- कोर्ट जाएंगे
ज्ञानवापी प्रकरण के बीच हिंदू संगठनों ने जताया दिल्ली के जामा मस्जिद पर दावा, कहा- कोर्ट जाएंगे

नई दिल्ली, जागरण संवादादाता। हिंदू महासभा और यूनाइटेड हिंदू फ्रंट समेत कुछ अन्य हिंदू संगठनों ने पुरानी दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के मंदिर पर बने होने का दावा कर उस पर अपना हक जताया है। इतना ही नहीं, ज्ञानवापी की तरह जामा मस्जिद का भी सर्वे कराने की मांग को लेकर हिंदू संगठन कोर्ट में जाने तैयारी भी कर रहे हैं।

अपनी इस मांग के समर्थन में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के दूसरे धड़े के अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने कहा कि दिल्ली की जामा मस्जिद के नीचे औरंगजेब ने सैकड़ों हजारों देवी-देवताओं की मूर्तियों को दबाकर यह मस्जिद बनाई है। यहां पर बता दें कि इतिहास यह कहता है कि दिल्ली की जामा मस्जिद को शाहजहां ने बनवाया है।

चक्रपाणि महाराज ने तो यहां तक कहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे। इसी तरह यूनाइटेड हिंदू फ्रंट अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने दावा किया है कि मस्जिद के नीचे पहले मंदिर थे। मस्जिद निर्माण के दौरान देवताओं की मूर्तियों को दबाया गया है। इसका सर्वेक्षण किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि जामा मस्जिद देश की राजधानी दिल्ली में स्थित एक चर्चित मस्जिद है। बताया जाता है कि इसका निर्माण वर्ष 1656 में हुआ था। यह मस्जिद लाल पत्थरों और संगमरमर का बना हुआ है। लाल किले से महज 500 मीटर की दूरी पर जामा मस्जिद स्थित यह देश की सबसे बड़ी मस्जिद है। इस मस्जिद का निर्माण 1650 में शाहजहां ने शुरू करवाया था। ऐसा कहा जाता है कि इस मस्जिद के निर्माण में 6 वर्ष का समय लगा था और उस समय इसके निर्माण में 10 लाख रुपये लगे थे। वर्तमान में यह रकम करोड़ों में है।

यहां पर बता दें कि दिल्ली में बनी मस्जिद-ए जहां-नुमा यानि जामा मस्जिद में हर साल ईद के पवित्र अवसर पर सुबह विशेष नमाज अदा करने के लिए हजारों तीर्थयात्री यहां पर आते हैं। जामा मस्जिद परिसर में तकरीबन पच्चीस हजार लोगों की क्षमता है। हालांकि, पिछले 2 सालों से कोरोना के चलते वह भीड़ नहीं जुटती, जो पहले जुटती थी। 

गौरतलब है कि जामा मस्जिद 1200 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली हुई है। उसमे में तीन प्रवेश द्वार, चार मीनारें और दो मीनारें हैं जो चालीस मीटर ऊंची हैं। जामा मस्जिद दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में पड़ता है। यह खूबसूरत मुगल संरचनाओं से घिरा हुआ है।