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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'आपने केजरीवाल को सीधा आरोपी बना दिया', सीएम के पक्ष में अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलें; HC ने सुरक्षित रखा फैसला

Published: Wed, 03 Apr 2024 04:33 PM (IST)Updated: Wed, 03 Apr 2024 05:26 PM (IST)

दिल्ली आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर आज बुधवार को दिल्ली हाई ...और पढ़ें

अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई।
अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर आज बुधवार को सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है।

ईडी के वकील एएसजी एसवी राजू ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने अभियान के वेंडर्स को दिए गए सभी बड़े भुगतान कैश में किए थे। इसकी जानकारी पासबुक में भी नहीं है। ईडी ने कहा कि हमारे पास वॉट्सऐप चैट और हवाला ऑपरेटरों के बयान हैं, हमारे पास बड़ी मात्रा में आयकर डेटा भी है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीएम केजरीवाल के अधिवक्ता ने ईडी के सभी समन को गैरकानूनी बताते हुए अपने मुवक्किल की रिहाई की मांग की।

केजरीवाल के वकील की दलीलें

केजरीवाल के अधिवक्ता सिंघवी ने कहा जांच एजेंसी के पास उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं। चुनाव से दूर रखने के लिए गिरफ्तारी की गई है।

सिंघवी ने कहा कि ईडी के सभी समन गैरकानूनी हैं,‌ ईडी ने लिखित में कुछ भी नहीं दिया। पहला वोट पड़ने से पहले ही उनकी पार्टी को क‌ई हिस्सों में तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

सिंघवी: अपमानित करना और बेइज्जती करना ही एकमात्र उद्देश्य है। गिरफ्तारी का असली उद्देश्य मुझे अक्षम करना है।

सिंघवी: ईडी के रिमांड आवेदन में कहा गया है कि वो पूरी साजिश में मुख्यमंत्री की भूमिका का पता लगाना चाहती है। ये गिरफ्तारी का आधार नहीं हो सकता है।

अब लंच के बाद मामले की सुनवाई होगी। लंच ब्रेक के बाद एएसजी एसवी राजू ईडी की ओर से दलीलें पेश करेंगे। राजू ने केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई के भी पेश होने पर आपत्ति जताई।

एएसजी एसवी राजू: दो वकील बहस नहीं कर सकते। कोई भी आम आदमी एक से अधिक वकील का हकदार नहीं है। यह क्यों? एक से अधिक वकील संबोधित नहीं कर सकते। आप अमीर हो सकते हैं, आप आम आदमी होने का दावा कर सकते हैं, लेकिन आपके पास दो वकील नहीं हो सकते।

ईडी ने कोर्ट में जवाब किया था दाखिल

ईडी ने याचिका के जवाब मे कहा था कि अरविंद केजरीवाल आबकारी नीति घोटाले के मुख्य सरगना हैं। उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनके आधार पर वो मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के दोषी हैं। आम आदमी पार्टी ने घोटाले में हुई आय की एक हिस्से (लगभग 45 करोड़ रुपये कैश) का उपयोग गोवा के विधानसभा चुनावों 2022 में किया था। यह पैसा चुनाव अभियान में खर्च किया गया था।

ईडी ने जवाब में कहा कि आप ने अरविंद केजरीवाल के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है। यह अपराध धारा 70, PMLA 2002 के अंतर्गत आता है। आम आदमी पार्टी एक राजनीतिक दल है, जिसमें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29-ए के तहत पंजीकृत व्यक्तियों का संघ शामिल है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री से जुड़े मामले की जांच शुरुआती चरण में है। अरविंद केजरीवाल ने 15 दिन के न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनौती नहीं दी है। उन्होंने पहले रिमांड के आदेश को चुनौती दी है, कृपया 26 मार्च का आदेश देंखे। आज 3 अप्रैल है। 28 मार्च को कोर्ट ने रिमांड का दूसरा आदेश दिया था, उन्होंने उसे भी चुनौती नहीं दी है।

एसवी राजू: मुझे आश्चर्य है कि न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन उन्होंने नहीं किया। उन्होंने स्वेच्छा से स्वीकार किया कि कृपया मुझे रिमाडं पर लें। क्या आदेश को चुनौती दे सकते हैं, क्या उन्हें इसकी छूट नहीं है। वह एक ही समय पर शांत भी होते हैं और विरोध भी करते हैं। आप रिमांड आदेश को चुनौती नहीं दे सकते और यह नहीं कह सकते कि कृपया आदेश पारित करें और इसे स्वीकार करें। अरविंद केजरीवाल ने हाल ही के आदेश के अनुसार, न्यायिक हिरासत में हैं औऱ उन्होंने उसे चुनौती नहीं दी है। इस तरह हिरासत को अवैध नहीं कहा जा सकता।

अरविंद केजरीवाल के वकील सिंघवी की दलीलें-

ईडी का कहना है कि घोटाला बहुत पहले सामने आ गया था। मैं कहना चाहता हूं कि दो तारीखें हैं अगस्त 2022 और अक्टूबर 2023। यह बिल्कुल मेरी बात को सही ठहराता है कि चुनाव के बीच में गिरफ्तारी क्यों? यह स्पष्ट है कि गैर-स्तरीय खेल का मैदान बनाने के लिए बहुत पहले के घोटाले का दुरुपयोग किया जा रहा है।

सिंघवी: एक अच्छा उदाहरण यह है कि मान लीजिए कि रिश्वत देने वाला उसी समय पकड़ा जाता है, जब रिश्वत लेने वाला पैसा प्राप्त कर रहा होता है। जब रिश्वत दी जा रही है तो यह या तो पीसी अधिनियम है या आयकर अधिनियम है। यह मनी लॉन्ड्रिंग अपराध नहीं है। क्या ईडी इस स्थिति में कूद सकता है और कह सकता है कि मुझे तब भी अधिकार क्षेत्र मिलता है जब अपराध की कोई आय न हो।

सिंघवी: अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल हैं। यह कहना बेतुका है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री हवाला लेनदेन संभालेंगे।

सिंघवी: मैं पूछना चाहता हूं कि साजिश के बारे में जागरूकता धारा 3 पीएमएलए के अपराध के लिए वैध आधार कैसे बन जाती है। क्योंकि आप इस साजिश से वाकिफ हैं इसलिए आप पीएमएलए के आरोपी हैं? मैं फिर से कह रहा हूं कि यह पीएमएलए को उल्टा कर रहा है। वह आतंकवादियों द्वारा सेना के वाहन को उड़ाने के विचित्र उदाहरण लेकर आये थे। यह और कुछ नहीं बल्कि एक विचित्र उदाहरण है। दूसरा उदाहरण जघन्य अपराध का है। क्या इनमें से कोई भी जघन्य अपराध, जिसका उन्होंने मुझ पर आरोप लगाया है, चुनाव की अधिसूचना के बाद हुआ था? उन्होंने कहा कि आतंकवादी, सेना के वाहन को उड़ा देता है और जघन्य अपराध करता है। मेरी महिला मित्रता यह पुष्टि करने के लिए अदालत की रिकॉर्डिंग देख सकती है कि उसने ऐसा कहा है।

मेरा कहना यह है कि यदि एक व्यक्ति, एक मुख्यमंत्री, सेना के वाहन को उड़ा दे तो उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। लेकिन क्या यह उचित सादृश्य है?

धारा 70 पीएमएलए एक गलत तर्क है। यह कहीं भी किसी ऐसे व्यक्ति को पार्टी प्रमुख के अंतर्गत आने की अनुमति नहीं देता है जो दोषी नहीं है। आप ऐसे ही धारा 70 लागू नहीं लगा सकते हैं।

सिंघवी: आपके पास जानकारी, कोई जागरूकता, और उस पर कोई काम नहीं किया, आपने सीधा उन्हें आरोपी बना दिया है?

सिंघवी ने संजय सिंह के कल के जमानत आदेश का हवाला दिया।

सिंघवी: वे कहते हैं कि यह संजय सिंह पर HC के आदेश की पुष्टि है?

कोर्ट: ठीक है मैं फैसला सुरक्षित रख रहा हूं।

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