नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को केंद्र में सत्तासीन नरेन्द्र मोदी सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है। पिंक लाइन पर शिव विहार से मजलिस पार्क के बीच बृहस्पतिवार से चालक रहित मेट्रो का परिचालन शुरू हो गया है। केंद्रीय शहरी मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसका शुभारंभ किया। इससे पहले मजेंटा लाइन पर भी चालक रहित मेट्रो की सुविधा है। पिंक लाइन पर परिचालन शुरू होने से दिल्ली मेट्रो के 96 किलोमीटर नेटवर्क पर चालक के बगैर मेट्रो ट्रेनें रफ्तार भर रही हैं। चालक रहित मेट्रो नेटवर्क के मामले में दिल्ली मेट्रो दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। 

दरअसल, दिल्ली मेट्रो के सबसे लंबे पिंक लाइन कारिडोर पर बृहस्पतिवार से मेट्रो ट्रेनें बिना चालक के रफ्ड़तार भरेंगी। बृहस्पतिवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी व दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये हरी झंडी दिखाकर मजलिस पार्क से शिव विहार के बीच चालक रहित मेट्रो के परिचालन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मजलिस पार्क-शिव विहार के बीच ड्राइवरलेस मेट्रो में यात्रियों को सफर का मौका मिलेगा। 

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने फेज तीन की पिंक लाइन पर चालक रहित मेट्रो के परिचालन के लिए मंजूरी दी थी। यह दिल्ली मेट्रो का दूसरा कारिडार होगा, जिस पर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दिल्ली मेट्रो के 96 किलोमीटर नेटवर्क पर चालक रहित मेट्रो की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। 

बता दें कि 58.59 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन पर पहले दो हिस्सों में मेट्रो का परिचालन हो रहा था। इसके एक हिस्से पर मयूर विहार पाकेट एक से मजलिस पार्क के बीच और दूसरे हिस्से पर त्रिलोकपुरी से शिव विहार के बीच मेट्रो का परिचालन हो रहा था। तब इन दोनों कारिडोर के बीच मयूर विहार पाकेट एक से त्रिलोकपुरी तक मेट्रो की सुविधा नहीं थी। इसलिए पिंक लाइन की मेट्रो में अब तक चालक मौजूद होते हैं।

मयूर विहार पाकेट एक से त्रिलोकपुरी के बीच मेट्रो कारिडोर तैयार होने के बाद छह अगस्त को पिंक लाइन के पूरे हिस्से पर मेट्रो सेवा उपलब्ध हो गई। इसके बाद डीएमआरसी ने मयूर विहार पाकेट एक-त्रिलोकपुरी कारिडोर के सिग्नल सिस्टम को पिंक लाइन के दोनों पुराने हिस्सों से जोड़ने का काम पूरा किया। जिसके बाद पिछले सप्ताह ही सीएमआरएस ने चालक रहित मेट्रो के परिचालन के लिए पिंक लाइन के सिग्नल सिस्टम की सुरक्षा मानकों की जांच की थी। अब मंजूरी मिलने के बाद इस कारिडोर पर चालक रहित मेट्रो का रास्ता भी साफ हो गया है।

Edited By: Jp Yadav