नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। उत्तरी दिल्ली के सेंट्रल जीएसटी आयुक्त ने बिना रसीद के सामान और बिना सामान के रसीदों की आपूर्ति करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने पूछताछ के लिए उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

14 फर्जी फर्मे का चला पता

जांच में पता चला है कि आरोपित व्यक्ति 14 फर्जी फर्मे चला रहा था। इनका उपयोग फर्जी तरीके से पैसों तथा इनपुट टैक्स के्रडिट को घुमाने के लिए किया जाता था। अधिकारियों के अनुसार आरोपित अब तक 1040 करोड़ रुपये की रसीदों के माध्यम से लगभग 114 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट की हेराफेरी कर चुका था।

गैर संदेहास्पद व्यक्तियों के दस्तावेजों के जरिए होता था खेल

इसके लिए वो दिल्ली के तिलक बाजार स्थित अपने ठिकाने पर गैर संदेहास्पद व्यक्तियों के दस्तावेजों के जरिए फर्जी फर्मो का पंजीकरण कराता था और फिर बिना किसी वस्तु के इन फर्मो के इनवाइस एवं ई-वे बिल तैयार करता था।

प्राथमिक पड़ताल में नहीं नजर आ रहा संबंध

प्राथमिक पड़ताल में इन फर्जी फर्मो से बाहर जाने और भीतर आने वाली आपूर्तियों के बीच कोई संबंध नहीं नजर आया है। उक्त फर्जी फर्मो ने फर्जी तरीकों से ऐसे अनेक क्रेताओं को इनपुट टैक्स के्रडिट पास किया है जिन्होंने अपनी बाहर जाने वाली आपूर्तियों पर जीएसटी अदा करने करने के लिए इसका लाभ प्राप्त किया। इस मामले में लिप्त अन्य अपराधियों का पता लगाने के लिए जीएसटी एक्ट, 2017 के तहत आगे की जांच की जा रही है।

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Posted By: Prateek Kumar

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