नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। AIIMS OPD Appointment News: देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान एम्स में वेटिंग की बीमारी अब नासूर बन चुकी है। ओपीडी से लेकर दिल, न्यूरो से संबंधित गंभीर बीमारियों व कैंसर की सर्जरी, सीटी स्कैन, एमआरआइ, अल्ट्रासाउंड व एक्सरे जांच के लिए भी लंबी वेटिंग है। ओपीडी में दिखाने के बाद ब्लड व यूरिन जांच के लिए भी मरीज को कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस वजह से एम्स में इलाज की व्यवस्था से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया खुश नहीं हैं। लिहाजा अब वह एम्स में लगे वेटिंग के रोग की सर्जरी करने में जुट गए हैं।

डाक्टरों की कमेटी गठित कर मांगी 10 दिन में रिपोर्ट

स्वास्थ्य मंत्री ने इसी क्रम में हाल ही में डाक्टरों की एक कमेटी गठित कर 10 दिन में रिपोर्ट मांगी थी। उनके निर्देश पर एम्स के 10 डाक्टरों की कमेटी गठित की गई, जिसने निर्धारित समय के अंदर अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। इसमें एम्स की व्यवस्था में सुधार करने के लिए कई सिफारिशें की गई हैं। इसके तहत जांच की वेटिंग दूर करने की सिफारिश भी गई है। इसे जल्दी ही लागू किया जाएगा। इसके बाद एक्सरे व अल्ट्रासाउंड जांच के लिए एम्स में महीनों बाद का समय नहीं दिया जाएगा। ब्लड जांच भी ओपीडी में दिखाने के बाद उसी दिन हो जाएगी।

दो पालियों में चलेगा सैंपल कलेक्शन सेंटर

कमेटी में शामिल एक वरिष्ठ डाक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि एम्स को मरीजों के अनुकूल बनाना है। ओपीडी में दिखाने के बाद ब्लड जांच के लिए मरीज को किसी और दिन दोबारा आना पड़ता है। इसका कारण यह है कि सैंपल कलेक्शन सेंटर में सैंपल लेने का काम सुबह 10 बजे तक ही निर्धारित है। कमेटी ने सैंपल कलेक्शन सेंटर दो पालियों में दोपहर तीन बजे तक चलाने की सिफारिश की है। ताकि ओपीडी में दिखाने के बाद यदि मरीज खाली पेट हो या किसी ब्लड जांच के लिए मरीज को खाली पेट होने की जरूरत नहीं है तो वे उसी दिन अपना सैंपल दे सकें।

एक्सरे में है लंबी वेटिंग

एक्सरे जांच के लिए तीन से छह माह व अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 10 माह बाद तक का समय दिया जाता है। सामान्य तौर पर अल्ट्रासाउंड उन्हीं मरीजों का होता है, जिनकी जांच बहुत जरूरी होती है। इसलिए एक्सरे व अल्ट्रासाउंड भी ओपीडी में दिखाने के बाद उसी दिन या अधिकतम एक सप्ताह में करने की सिफारिश की गई है। कई विभागों की ओपीडी में एक से डेढ़ माह की वेटिंग है, उसे भी दूर करने की सिफारिश की गई है।

500 रुपये तक की जांच नि:शुल्क करने की सिफारिश कमेटी ने

कार्डियक, न्यूरो, कैंसर व ट्रामा सेंटर के कामकाज में भी सुधार करने की सिफारिश की है। इसके अलावा 500 रुपये तक की जांच एक बार फिर नि:शुल्क करने की सिफारिश की गई है। क्योंकि छोटी-छोटी जांच के लिए मामूली शुल्क भुगतान करने में मरीजों को कई जगह लाइन में लगना पड़ता है। हालांकि, यह सिफारिश लागू होगी या नहीं यह कहना मुश्किल है। क्योंकि यह नीतिगत मसला है और इस पर मंत्रालय को फैसला करना है।

एम्स की ओपीडी में है स्मार्ट लैब

एम्स के नए ओपीडी ब्लाक में नई रोबोटिक स्मार्ट लैब बनाई गई है। इसमें प्रतिदिन दो लाख सैंपल जांच करने की क्षमता है, जबकि 10 हजार रिपोर्ट प्रतिदिन निकाली जा सकती हैं।

Edited By: Prateek Kumar