बाहरी दिल्ली, [संजय सलिल]। बाहरी रिंग रोड पर हैदरपुर बादली मेट्रो स्टेशन के समीप रेलवे पुलिया की कम चौड़ाई सुगम आवागमन में अवरोध पैदा कर रही है। अब पुलिया की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को यूनीफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (इंजीनियरिंग एंड प्लानिंग) सेंटर (यूटीपैक) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

अब प्रस्ताव को लेकर लोक निर्माण विभाग का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग व टाटा पावर दिल्ली डिस्टिब्यूशन लिमिटेड आदि के साथ बैठकें चल रही हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार विभिन्न विभागों के बीच आपसी सहमति के बाद योजना का अंतिम खाका तैयार कर उसे दोबारा यूटीपैक में पेश किया जाएगा और वहां से अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर निकाल कर कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। हालांकि इन सब प्रक्रियाओं में कितना वक्त लगेगा, फिलहाल यह तय नहीं है।

दरअसल वर्ष 2019 में ही सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था गुरु हनुमान सोसायटी आफ इंडिया के महासचिव अतुल रणजीत कुमार ने यातायात पुलिस को पत्र लिखकर इस ओर ध्यान दिलाया था। तब यातायात पुलिस के बाहरी परिक्षेत्र के उपायुक्त रहे राकेश पावारिया ने इसके लिए उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक सहित लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव भेजकर पुलिया की चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत बताई थी। वर्ष 2019 में योजना की फिजिबिलिटी जांच के लिए नियुक्त सलाहकार कंपनी ने भी यातायात दबाव के अध्ययन के बाद रेलवे पुलिया की चौड़ीकरण का सुझाव दिया था।

एक से दो किमी लंबा लग रहा जाम

बादली मोड़ से लेकर प्रशांत विहार तक 3.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कारीडोर बनाने का मकसद यह था कि मुकरबा चौक से मधुबन चौक की ओर वाहनों को लाल बत्तियों पर रुकने की झंझट से मुक्ति मिल सके, लेकिन पुलिया की चौड़ाई कम होने से पीक समय में मेट्रो स्टेशन के पास एलिवेटेड रोड से लेकर निचली सड़क पर एक से दो किलोमीटर तक का लंबा जाम लग रहा है।

एलिवेटेड रोड व निचली सड़क के वाहन पुलिया पर जब एक साथ पहुंचते हैं तो उनकी रफ्तार थम जाती है। एलिवेटेड रोड पर प्रति घंटा एक हजार वाहन गुजरते हैं, जबकि पीक समय में यह संख्या बढ़कर तीन से चार हजार तक पहुंच जाती है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari