नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। योगिनी की मूर्ति 40 साल बाद लंदन से इसी सप्ताह वापस लाई जा रही है। अगले तीन से चार दिन में इसके भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के पास पहुंच जाने की उम्मीद है। बलुआ पत्थर की बनी यह मूर्ति अलग तरह की है, इसमें योगिनी का सिर बकरी का है।

इस मूर्ति को अभी फिलहाल राष्ट्रीय संग्रहालय में स्थान दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। इससे पहले भगवान शिव और राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां भारत वापस लाई जा चुकी हैं। राम सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां दो साल पहले तमिलनाडु सरकार को सौंपी गई थीं।

योगिनी की इस मूर्ति को करीब 40 साल पहले चोरी कर लंदन ले जाया गया था। इस मूर्ति को भारत भेजने की प्रक्रिया करीब छह माह पहले शुरू हुई थी। एएसआइ इस मूर्ति को वापस ला रहा है।

एएसआइ के अधिकारी ने बताया कि जहां से मूर्ति चोरी हुई थी, वहां वापस रखने पर संस्कृति मंत्रालय ही फैसला लेगा। अभी इसे राष्ट्रीय संग्रहालय में रखे जाने का विचार है। ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग में प्राचीन मूर्ति को भारत वापस भेजे जाने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। यह मूर्ति 10वीं शताब्दी की बनी हुई है।

यह साल 1980 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के लौरी ग्राम पंचायत के लोखरी गांव (अब चित्रकुट जिला) के कालिका मंदिर से चोरी हुई थी। अक्टूबर 2021 में लंदन में भारतीय उच्चायोग को इंग्लिश कंट्री गार्डेन में योगिनी की मूर्ति होने की जानकारी मिली थी।

भारत स्वाभिमान परियोजना के तहत इस दिशा में कदम उठाया गया और लंदन प्रशासन ने इस मूर्ति को भारत को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की थी। मूर्ति की ऐसे हुई पहचानसंस्था आर्ट रिकवरी इंटरनेशनल के संस्थापक क्रिस मारिनेलो को यह मूर्ति तब मिली थी, जब लंदन में एक महिला अपने पति के निधन के बाद घर की चीजें बेच रही थी।

मारिनेलो ने गैर-लाभकारी संस्था इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट के सह-संस्थापक विजय कुमार से संपर्क किया, जो भारत से चुराई गईं सांस्कृतिक वस्तुओं की पुनप्राप्ति के लिए कार्य कर रहे हैं।

कालिका मंदिर से एक नही, चोरी हुई थीं तीन मूर्तियां

योगिनी की मूर्ति लोखरी गांव के जिस कालिका मंदिर से चोरी हुई थी, वहां एक नहीं तीन मूर्तियां चोरी हुई थीं। ग्राम प्रधान पुष्पलता सिंह के पति अरुण सिंह मुन्ना के मुताबिक मूर्ति चोरी के समय उनकी उम्र करीब 10-11 साल की रही होगी। बुजुर्गों के अनुसार तीन मूर्तियां चोरी हुई थीं।

इनमें एक मूर्ति मिल गई थी, जिसको रैपुरा थाना परिसर में मंदिर बनाकर स्थापित कर दिया गया था। दो मूर्तियां अभी तक गायब हैं। उनमें से एक मूर्ति योगिनी की थी। इतिहास के जानकार शिव प्रेम याज्ञिक ने बताया कि लोखरी में चंदेल राजाओं के प्राचीन किले में 64 योगिनी मंदिर में मूर्तियां स्थापित थीं।

इनकी संख्या नाम अनुरूप 64 रही होगी, वर्तमान में यहां आधा दर्जन मूर्तियां हैं, जो खंडित हैं। एसडीएम मऊ नवदीप शुक्ला ने कहा कि मूर्ति वापस देश लाई जा रही है, इसके बारे में अभी उन्हें कोई सूचना नहीं है।

Edited By: Geetarjun Gautam