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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ED-CBI के दबाव में...' सवाल पर क्या बोले कैलाश गहलोत? इस्तीफे के पीछे की बताई असली वजह

Published: Mon, 18 Nov 2024 01:31 PM (IST)

Kailash Gehlot joins BJP दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए। पूर्व आप ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भाजपा की सदस्यता ली। फोटो-जागरण।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भाजपा की सदस्यता ली। फोटो-जागरण।

HighLights

  1. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कैलाश गहलोत को दिलाई बीजेपी की सदस्यता
  2. कैलाश गहलोत ने रविवार को छोड़ी थी आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत भाजपा में शामिल हो गए। गहलोत रविवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ ही आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा की थी।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली के चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीजेंद्र गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, सांसद व भाजपा के मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी सहित अन्य नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत किया।

पीएम मोदी से प्रभावित होकर BJP में आए गहलोत- सचदेवा

इस दौरान सचदेवा ने कहा, "दिल्ली देहात व युवाओं में लोकप्रिय चेहरा गहलोत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।"

इसी क्रम में पांडा ने कहा की आम आदमी पार्टी का बड़ा चेहरा भाजपा में शामिल हो गए। इससे एक बात स्पष्ट होता है कि आप में आत्म विश्वास टूट गया है। क्योंकि, पिछले दस वर्षों तक झूठे वादे करते रहे हैं। दिल्ली के विकास पर कोई काम नहीं किए हैं। यमुना पर कोई काम नहीं किया गया। दिल्ली को आगे बढ़ाने वाली मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं को आप सरकार रोक रही है।

अन्ना आंदोलन के समय AAP जुड़ा, भाजपा में जाना आसान कदम नहीं- गहलोत

कैलाश गहलोत ने कहा, "आप छोड़कर भाजपा में शामिल होना कोई आसान कदम नहीं था। अन्ना आंदोलन के समय से आप से जुड़े। उसके बाद से दिल्लीवासियों के काम किया। यदि कोई यह सोच रहा है कि किसी के दबाव में यह कदम उठाया है तो वह सुन ले कि मैं कभी किसी के दबाव में काम नहीं किया।"

ED-CBI के दबाव में नहीं दिया इस्तीफा- गहलोत

उन्होंने आगे कहा कि आप में रहकर व मंत्री रहते हुए कभी दबाव में रहकर काम नहीं किया। कुछ लोग यह गलतफहमी फैला रहे हैं कि ईडी व सीबीआई के दबाव में यह कदम उठाया गया है। मैं पेशे से वकील हूं। 

गहलोत ने कहा, "हजारों लोगों ने अपनी नौकरी व कारोबार छोड़कर एक उम्मीद के साथ अन्ना आंदोलन व उसके बाद आप से जुड़े थे। वह लोगों की सेवा व दिल्ली के विकास करने के लिए आप से जुड़े थे। आप में इस उद्देश्य के साथ समझौता होते देखा तो पीड़ा हुई। यह सिर्फ गहलोत नहीं हजारों लोगों की पीड़ा है। आम लोगों की सेवा करने की बात करने वाले अब खास हो गए हैं।"

दिल्ली के विकास के लिए राजनीति में आया हूं...

अपने पत्र के माध्यम से सभी विषय को उठा दिया है। कोई सरकार, मुख्यमंत्री व मंत्री यदि लगातार प्रत्येक छोटे या बड़े मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से लड़ता रहे तो वह दिल्ली के हित में नहीं है। मैं ने अपने विभाग के काम के लिए केंद्र सरकार व उपराज्यपाल से टकराव नहीं किया। क्योंकि, किसी से टकराव के लिए नहीं दिल्ली के विकास के लिए राजनीति में आया हूं।

केंद्र की भाजपा सरकार के साथ कंधे से कंधे मिलकर चलने में ही दिल्ली का विकास संभव है। इसके लिए वह भाजपा में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर उनके नेतृत्व में काम करने के लिए भाजपा में शामिल हुआ हूं। मोदी, अमित शाह व जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में पार्टी व देश के लिए काम करूंगा। मेरा उद्देश्य सिर्फ दिल्ली की जनता के लिए काम करना है।

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रविवार को इस्तीफा देने के साथ उन्होंने आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पार्टी और दिल्ली सरकार की कार्य प्रणाली पर प्रश्न खड़े किए थे। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार से लड़ाई में उलझकर दिल्ली सरकार विकास काम को बाधित कर रही है।