नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली कैंट इलाके के नांगल विलेज में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच की फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम शुक्रवार को मौका-ए-वारदात पर गई। श्मशान गृह पर फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम सुबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। यहीं पर करंट लगने से मौत का दावा आरोपियों ने किया था और फिर श्मशान घाट पर ही लाश को जलाया गया था।

पुलिस अधिकारी का कहना है की फोरेंसिक टीम बच्ची के घर से लेकर श्मशान गृह तक के रास्तों पर सुबूत जुटा रही है। केस से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली, शवदाह से पहले हो चुकी थी मौत!

उधर, दिल्ली कैंट में बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या मामले में श्मशान भूमि से मिले अवशेष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि शव को जलाया जा रहा था, तब बच्ची की मौत हो चुकी थी। हालांकि, फोरेंसिक विशेषज्ञों की इस रिपोर्ट पर विशेषज्ञों के एक और पैनल को अपनी राय देनी है। इसके बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।

सूत्रों के अनुसार, शव के अवशेषों के पोस्टमार्टम के नतीजों से इससे अधिक की उम्मीद फिलहाल नहीं की जा सकती है। घटनास्थल पर आरोपितों से उनके कपड़ों के नमूने, पुजारी के आराम कक्ष की चादर व अन्य सामान की फोरेंसिक जांच में कुछ नई बातें सामने आ सकती हैं। जांच में सबसे बड़ी समस्या यह है कि पीड़ित बच्ची ने घटना के दिन जो कपड़े पहने थे, वे जल चुके हैं। हालांकि जले हुए कपड़ों के अवशेष को प्रयोगशाला में जांच के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को दी शिकायत

वहीं, ओल्ड नांगलराय गांव की दलित बेटी को न्याय दिलाने के लिए दिल्ली कांग्रेस ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी के निर्देशानुसार दिल्ली कांग्रेस के विधिक एवं मानव अधिकार विभाग की लीगल टीम ने बृहस्पतिवार को इस बाबत आयोग के सदस्य जस्टिस पीसी पंत के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने टीम गठित करने की मांग की है।

Edited By: Mangal Yadav