यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Remdesivir Injection FRAUD: विदेशी ने रेमडेसिविर के नाम पर ठगने के लिए खोल रखे थे 12 बैंक खाते, चढ़ा पुलिस के हत्थे, पढ़िए ठग की पूरी कहानी
Remdesivir Injection FRAUD शाहबाद डेरी थाना पुलिस ने कोरोना महामारी का फायदा उठाकर रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने के नाम पर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शाहबाद डेरी थाना पुलिस ने कोरोना महामारी का फायदा उठाकर रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाली कैमरून निवासी महिला अश्विगो अशेल्ली को सोमवार को खानपुर देवली इलाके से गिरफ्तार किया है, जबकि नाइजीरिया निवासी उसका प्रेमी एलुमारा क्रिश्चियन अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपित के पास से दस सिम व पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आरोपित अभी तक 40 लोगों को अपना शिकार बना चुके थे। आरोपितों ने पैसों को इधर-उधर करने के लिए देशभर के 12 बैंकों में खाते खोल रखे थे। पुलिस की ओर से अभी तक 23 लोगों की पहचान की गई है जिनकी मजबूरी का फायदा उठाकर आरोपितों ने साढ़े सात लाख रुपये की ठगी की है। इसके अलावा खातों को सीज कर बचे हुए लोगों की भी पहचान की जा रही हैं जिनको इन्होंने अपना शिकार बनाया था।
दरअसल, बीते दिनों रोहिणी सेक्टर 11 निवासी महिला राखी गुप्ता के रिश्तेदार कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्होंने उनकी मदद करने के लिए आनलाइन सर्च किया तो उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। राखी ने जब उस नंबर पर काल किया तो उससे प्रिस्कि्रप्शन मांगा गया और रेमडेसिविर इंजेक्शन की प्रति वायल के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई। राखी ने जैसे ही पांच वायल के लिए उनके खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर किए और वाट्सएप पर स्क्रीनशाट भेजा, उन्होंने राखी को ब्लाक कर दिया। इसके बाद राखी ने शाहबाद डेरी थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जिस पर कार्रवाई करते हुए शाहबाद डेरी थाने के एसआइ प्रवीण, एएसआइ वत्स राज समेत आधा दर्जन महिला व पुरुष पुलिस कर्मियों की टीम का गठन किया गया। टीम ने दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद आरोपितों की लोकेशन का पता लगा लिया और रात को ही दिल्ली के खानपुर देवली पहुंच गई।
इस दौरान टीम को पता लगा कि यहां पर कैमरून निवासी अश्विगो अशेल्ली नामक महिला रहती है। महिला होने की वजह से रात को महिला व पुरुष पुलिस कर्मी उसके फ्लैट में दाखिल नहीं हुए। वह रात भर घर के बाहर ही निगरानी करते रहे। रात में जब उसका प्रेमी फ्लैट पर नहीं आया तो सुबह होते ही पुलिस ने अ¨श्वगो को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपित एलुमारा की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपित खुद को रेमडेसिविर दवा का कारोबारी बताते थे। इसके लिए वह बादली में अपना दफ्तर होने का भी दावा करते थे।
