नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। गर्मी बढ़ने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में आग लगने की घटनाओं में भी इजाफा होने लगा है। ताजा मामले में पश्चिमी दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने की घटना सामने आई, गनीमत रही कि दमकल विभाग ने समय पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के साथ मरीजों की जान भी बचाई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल, विकासपुरी स्थित यूके नर्सिंग होम में मंगलवार देर रात आग लग गई। आग नर्सिंग होम के बेसमेंट में लगी थी। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मौके पर पहुंची दमकल की 7 गाड़ियों ने आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया।

वहीं, घटना के बाबत अग्निशमन विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी भूपेंद्र प्रकाश ने बताया कि अग्निशमनकर्मी एक ओर जहां आग पर काबू पा रहे थे, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों को सुरक्षित निकालने में भी जुटे थे। अस्पताल में भर्ती सभी 26 मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। जानकारी के मुताबिक, मरीजों को यहां से दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पिछले सप्ताह गुजरात के भरूच में एक निजी अस्पताल में देर रात आग लगने से कोरोना वायरस के कम से कम 18 मरीजों की मौत हो गई थी। दरअसल, गुजरात के भरूच में स्थित पटेल वेलफेयर अस्पताल में 30 अप्रैल की रात 12:30 बजे लगी भीषण आग में 18 लोगों की मौत हो गई, वहीं 50 अन्‍य मरीजों को बचा लिया गया। इसके बाद उन्हें दूसरे अस्‍पताल में शिफ्ट किया गया। इससे पहले 23 अप्रैल को महाराष्ट्र के अस्पताल में भी आग लगने से दर्जनभर मरीजों की मौत हो गई थी।

18 अप्रैल को भी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से कोरोना वायरस से संक्रमित पांच मरीजों की मौत हो गई। रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने बताया था कि शहर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में स्थित राजधानी अस्पताल में आग लगने से पांच मरीजों की मृत्यु हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं शामिल थीं।