नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली में सक्रिय ऑटो माफिया की मनमानी पर रोक लग सकेगी। अब किसी के नाम से पंजीकृत ऑटो के परमिट को कोई अन्य व्यक्ति शिकायत कर लॉक नहीं करा सकेगा। पिछले दिनों परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त ने विभिन्न ऑटो यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया। विशेष आयुक्त से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में उपेंद्र सिंह, संतोष पांडेय, राजेंद्र सोनी आदि शामिल रहे। इन्होंने अपनी समस्या विशेष आयुक्त के समक्ष रखी।

बताया कि दिल्ली में सक्रिय फाइनेंस माफिया परिवहन विभाग में फोन कर ऑटो के परमिट लॉक करा देता है। चालकों ने ऑटो को बेचने-खरीदने के दौरान हो रही परेशानी भी सामने रखी। जिस पर परिवहन विभाग के अधिकारी ने आश्वासन दिया कि ऑटो बेचने के दौरान परमिट ट्रांसफर कराने के लिए प्रथम मालिक के पास अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। अभी तक व्यवस्था है कि ऑटो चाहें कितनी भी बार बिक गया हो, मगर जब तक पहला मालिक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देगा तब तक का परमिट ट्रांसफर नहीं होगा।

ऐसे में पहला मालिक ब्लैकमेल करता है और पैसे भी लेता था तब परमिट ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। अब विभाग स्वयं पहले मालिक के पास एक पत्र भेजेगा। यदि वह 15 दिन में जवाब नहीं भेजता है तो उसकी अनापत्ति मान ली जाएगी। चालकों ने फिटनेस प्रमाण पत्र की भी परेशानी बताई।

उन्होंने कहा कि फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए परिवहन विभाग की बुराड़ी अथॉरिटी में व्यवस्था है मगर यदि ऑटो का चालान हो गया है तो उसके अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए चालकों को टोडापुर स्थित यातायात पुलिस के मुख्यालय जाना पड़ता है। वहां से अनापत्ति मिलने पर ही ऑटो का फिटनेस प्रमाण पत्र बनता है। परिवहन अधिकारी ने कहा कि अब परिवहन विभाग स्वयं ही यातायात पुलिस से डाटा मंगवाएगा। यह व्यवस्था 15 अगस्त या इसके कुछ बाद में शुरू की जा सकती है।

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