नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। Farmers Protest: कृ़षि कानून के विरोध में गुरुवार को किसानों द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित किसान संसद व विरोघ प्रदर्शन छिटपुट हंगामे को छोड़ शांतिपूर्ण रहा। बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच किसानों के विरोध प्रदर्शन का यह पहला दिन था। 26 जनवरी की घटना से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से इस बार सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। पूरा जंतर मंतर के अलावा नई दिल्ली जिले को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

कई स्तर पर की गई है मजबूत बैरिकेडिंग

जंतर मंतर के चारों तरफ की सड़कों व प्रदर्शन स्थल पर चार स्तर की बैरिकेडिंग की गई है, जहां दिल्ली पुलिस के अलावा सीआरपीएफ, सीआइएसएफ, आरपीएफ के 2000 से अधिक जवानों की तौनती की गई है। प्रदर्शन के दौरान पूरे दिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रदर्शन स्थल का दौरा कर अधिकरियों काे सुरक्षा को लेकर दिशा निर्देश देते रहे।

पुलिस की ओर से छावनी में तब्दील किया गया जंतर मंतर

सिंघु बार्डर से प्रदर्शनकारियों को लेकर पहली बस जंतर मंतर पर दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर पहुंची। इसके बाद तीन और बसें आई। इसके अलावा कई प्रदर्शनकारी बड़ी कारों से भी वहां पहुचे। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के ठीक सामने बने सुरक्षा घेरे में रखा। वहीं पर शाम पांच बजे तक किसान संसद और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने एक टीवी चैनल की महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की। इससे मीडियाकर्मियों व प्रदर्शकारियों में कुछ देर तक झड़प भी हुई। हंगामे के दौरान एक मीडिया कर्मी घायल भी हो गया। पुलिस अधिकारियाें के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। जिस प्रदर्शनकारी ने महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की थी उसे पुलिस प्रदर्शन स्थल से बाहर लेकर चली गई। बाद में शाम को उसे छोड़ दिया गया।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

सिंधु बॉर्डर से तय रूटों से कड़ी सुरक्षा घेरे में किसानों को सकॉट करते पुलिस जंतर मंतर पर लेकर आई। इस दौरान पुलिस कर्मी बसों और कारों के आगे पीछे और साइड से उनके साथ वाहनों से सकॉट करती रही। ताकी कहीं किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। पुलिस के निर्देश पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा प्रदर्शन में शामिल सभी किसानों व नेताओं को पहचान पत्र दिए गए, जिसमें उनके नाम पता , मोबाइल नंबर आदि कई जानकारी थी। ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी तुरंत पहचान की जा सके। शाम 5 बजे के बाद सभी को वापस सिंधु बॉर्डर पहुंचा दिया गया। शुक्रवार फिर इसी तरह किसानों को जंतर मंतर लाया जाएगा। 22 जुलाई से 9 अगस्त तक इन्हें प्रदर्शन की अनुमति दी गई है।

प्रदर्शनस्थल पर चार स्तर पर की गई है बैरिकेडिंग

जिस स्थान पर प्रदर्शनकारियों के द्वारा किसान संसद का आयोजन किया जा रहा है। वहां चार स्तर पर बैरिकेडिंग की गई है। पहली पंक्ति में दिल्ली पुलिस व आरपीएफ की महिला कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन स्थल व उसके आसपास मीडिया कर्मियों के अलावा आम लोगों को जाने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही पुलिस की तरफ से विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी बनाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंतर मंतर पर स्वतंत्रता दिवस तक ऐसे ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी।