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क्या दिल्ली में वाकई महंगी हो जाएगी बिजली? मंत्री आतिशी और BSES ने बताई सच्चाई

Delhi Electricity Bill दिल्ली में बुधवार के दिन बिजली के दामों को लेकर पूरे दिन हंगामा चलता रहा। एक ओर जहां भाजपा दावा करती रही कि दिल्ली में बिजली महंगी होने वाली है वहीं शाम होते-होते दिल्ली सरकार सामने आ गई और बताया कि बिजली के दाम नहीं बढ़ने वाले हैं। फरवरी में जो पीपीएसी बढ़ा था वही जारी रहेगा।

By Santosh Kumar Singh Edited By: Geetarjun Thu, 11 Jul 2024 02:04 PM (IST)
दिल्ली में महंगी बिजली को लेकर सामने आया सरकार का पक्ष।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पानी व जलभराव के बाद अब दिल्ली में बिजली बिल पर वसूले जा रहे बिजली खरीद समायोजन लागत (पीपीएसी) पर राजनीति शुरू हो गई है। दिल्ली में पिछले दो वर्षों से बिजली की नई दरें घोषित नहीं हुई हैं, परंतु पीपीएसी बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।

पिछले वर्ष जून के बाद इस वर्ष फरवरी में भी इसमें वृद्धि हुई थी। आगे भी इसे जारी रखने की तैयारी है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी।

भाजपा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार के इशारे पर बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) पीपीएसी के नाम पर उपभोक्ताओं से मोटी रकम वसूल रही हैं।

फरवरी में बढ़ी थी पीपीएसी

फरवरी में बीएसईएस यमुना पावर (बीवाईपीएल) ने 6.15 प्रतिशत, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) , टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) में 8.75 प्रतिशत पीपीएसी की वृद्धि की गई थी।

तीन माह के लिए हुई इस वृद्धि को बिजली कंपनियां आगे बढ़ा रही हैं। इससे प्रतिमाह दो सौ यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सबसे अधिक एनडीएमसी के उपभोक्ताओं पर बोझ

पूरी दिल्ली में बिजली महंगी हो गई है, लेकिन सबसे अधिक बोझ एनडीएमसी क्षेत्र में रहने वालों पर पड़ेगा। एनडीएमसी क्षेत्र में उपभोक्ताओं से प्रति माह कुल 38.75 प्रतिशत पीपीएसी वसूल जाता है।

इसके बाद टीपीडीडीएल 37.88 प्रतिशत, बीआरपीएल35.83 प्रतिशत और बीवाईपीएल 37.75 प्रतिशत पीपीएसी वसूला जाता है।

क्या होता है पीपीएसी

ईंधन के दाम बढ़ने से डिस्काम को बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों से बढ़े हुए मूल्य पर बिजली खरीदनी पड़ती है। उपभोक्ताओं को बेची जाने वाली बिजली की दरें इस अनुपात में नहीं बढ़ती हैं। इस घाटे की भरपाई के लिए डिस्काम को उपभोक्ताओं से पीपीएसी वसूलने की अनुमति दी जाती है।

डिस्कॉम का कहना है कि नौ नवंबर, 2021 को बिजली मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी राज्यों के विद्युत विनियामक आयोग को यह व्यवस्था बनानी है जिससे कि बिजली के दाम बढ़ने पर डिस्कॉम को बिना आवेदन के पीपीएसी वसूलने की अनुमति मिल जाए। दिल्ली में 2012 से यह व्यवस्था लागू है।

भाजपा ने दिल्ली सरकार को ठहराया जिम्मेदार

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, समर एक्शन प्लान नहीं बनाया गया। संभावित मांग का आकलन करके बिजली खरीदने के लिए पहले से व्यवस्था नहीं की गई। गर्मी में मांग बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार व बिजली वितरण कंपनियों की नींद टूटी।

यदि पहले से बिजली खरीद का समझौता किया जाता तो महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ती। दावा किया कि बीआरपीएल ने डीईआरसी की अनुमति के बिना 8.75 प्रतिशत की और वृद्धि कर 43 प्रतिशत से अधिक पीपीएसी वसूल रही है जिससे लोगों का अधिक बिजली बिल आ रहा है।

पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा, मुख्यमंत्री के जेल में होने के कारण डीईआरसी में सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई जिससे डिस्कॉम मनमानी कर रही है। पेंशन अधिभार भी उपभोक्ताओं से वसूला जाता है।

कांग्रेस ने विरोध किया

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर जनविरोधी फैसले लेने का आरोप लगाया। बिजली महंगी करना गलता है। कांग्रेस नेता व नार्थ दिल्ली रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक भसीन ने कहा, बिजली कंपनियां चोरी छिपे पीपीएसी बढ़ा देती हैं। फरवरी से की गई बढ़ोतरी वापस लिया जाना चाहिए।

सरकार व बिजली कंपनियों ने भाजपा के दावे को गलत बताया

ऊर्जा मंत्री आतिशी ने भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, डीईआरसी के आदेश के अनुसार पीपीएसी में कोई बदलाव नहीं होगा। परंतु, संसद में 2003 से पारित अधिनियम के अनुसार डिस्कॉम गर्मी में बिजली की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए10 प्रतिशत तक पीपीएसी बढ़ा सकती हैं।

भाजपा शासित राज्यों में उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिलती है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में आठ-आठ घंटे तक बिजली कट लग रहे हैं। दिल्ली में लाखों लोगों को निश्शुल्क व निर्बाध बिजली मिलती है। बीएसईएस ने भी कहा है कि पीपीएसी में कोई नई वृद्धि नहीं की जा रही है। पहले से की गई वृद्धि जारी रहेगी।

डिस्क्लेमर: पूर्व में प्रकाशित खबर में बिजली के दाम से जुड़ी जानकारियों को लेकर कुछ बदलाव किया गया है। यह बदलाव आधिकारिक सूत्रों के हवाले से आई पुष्ट जानकारी के बाद किया गया है।