नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वाहन) नीति लाई गई है। इस नीति के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सरकार कदम उठा रही है। एक तरफ उसका लक्ष्य प्रदूषण पर लगाम लगाना है, वहीं दूसरी ओर इलेक्टि्रक वाहन लाकर दिल्ली के लोगों के पैसे की भी बचत करानी है। सरकार यह बात भली भांति समझती है कि जब तब जनता को अपनी बचत नहीं दिखेगी, वह ऐसे वाहनों के प्रति आकर्षित नहीं होगी। इसीलिए  इलेक्ट्रिक  वाहनों पर मोटी सब्सिडी और तमाम छूट भी दी जा रही है। हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में लोगों को इलेक्टि्रक वाहनों की ओर स्विच कराना चुनौती है। इस बारे में क्या प्रयास किए जा रहे हैं, इसे लेकर वीके शुक्ला ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश।

 सरकार ई-वाहन नीति को लेकर क्या लक्ष्य लेकर चल रही है?

- हमारा लक्ष्य पहले साल में 35,000 ई-वाहन सड़कों पर लाना है। इसमें 1,000 ई-वाहन लास्टमाइल कनेक्टविटी के लिए जमीन पर उतारने हैं। 25 फीसद ई-वाहन का पंजीकरण 2024 तक करना है। 50 फीसद व्यावसायिक दोपहिया 2023 तक ई-वाहन में तब्दील करने का लक्ष्य है।

 इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

हमारी सरकार पहली ऐसी सरकार है जो ई-वाहन की खरीद पर देश में सबसे अधिक सब्सिडी दे रही है। इसमें दोपहिया, तिपहिया ई-रिक्शा, आटो व कारों पर सब्सिडी दी जा रही है। इन वाहनों का पंजीकरण शुल्क व रोड टैक्स माफ है। वाहन को स्क्रैप कराने पर अलग से राशि निर्धारित है। अन्य तमाम छूट दी जा रही हैं।

सरकार इतना सब कुछ कर रही है, मगर इलेक्ट्रिक  वाहनों को लेकर अभी बाजार में उछाल नहीं है?

- कोई भी नई नीति आती है तो उसके क्रियान्वयन में कुछ समय तो लगता ही है। जिन लोगों ने  इलेक्ट्रिक  वाहन खरीदे हैं वे इन वाहनों की तारीफ कर रहे हैं। लोग पैसे की बचत कर रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही इन वाहनों की बिक्री में उछाल देखने को मिलेगा।

वाहन चार्जिंग एक बड़ा मुद्दा है, लोग सोच रहे हैं कि वाहन ले लिया तो चार्ज कैसे करेंगे?

- लोग  इलेक्ट्रिक  वाहन को अपने घर पर भी आसानी से चार्ज कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य प्रत्येक तीन किलोमीटर में एक ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन बनाने का है। पहले साल में 250 ई-चार्जिंग स्टेशन बनाने हैं। सौ चार्जिंग स्टेशन के लिए टेंडर किए जा रहे हैं। निजी स्तर पर चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा चार्जिंग स्टेशन के लिए लगने वाले सभी उपकरणों को खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाएगी। क्या  इलेक्ट्रिक  वाहनों को लेकर सरकारी विभागों को भी कोई दिशा-निर्देश दिए गए हैं?

सभी सरकारी विभागों को आदेश दिया गया है कि अब जो भी नए वाहन आएंगे वे इलेक्ट्रिक  ही होंगे। अगले छह माह में इसे सौ फीसद लागू कर दिया जाएगा।

लास्टमाइल कनेक्टिविटी के लिए  इलेक्ट्रिक  वाहन किए तरह उपयोग में लाए जाएंगे? लास्टमाइल  इलेक्ट्रिक  के लिए बड़ी संख्या में छोटे  इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इसमें  इलेक्ट्रिक फीडर बसें भी शामिल होंगी। इसके अलावा सामान डिलीवरी करने वाली कंपनियों से भी कहा जा रहा है कि वे दो पहिया इलेक्टि्रक वाहन उपयोग में लाएं।

इलेक्ट्रिक वाहनों से कितना प्रदूषण कम होगा?

दिल्ली में कुल प्रदूषण का 40 फीसद 2.5 पीएम वाहनों की वजह से होता है। कार्बन मोनो आक्साइड भी 80 फीसद वाहनों की वजह से होता है। 2024 तकवाहनों से होने वाला प्रदूषण काफी कम रह जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में प्रदूषण रहित ई-वाहन को बढ़ावा देने के लिए  इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की है। मुख्यमंत्री का सपना दिल्ली को  इलेक्ट्रिक  वाहनों की राजधानी बनाने का है, जिसे हम जनता को साथ लेकर हर हाल में पूरा करेंगे।

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