नई दिल्ली, आइएएनएस/जागरण संवाददाता। ठंड की विदाई के बाद बढ़ती गर्मी के बीच दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता स्तर (Air Quality Index) में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। शनिवार को भी वायु गुणवत्ता स्तर पर सुधार दिखाई दिया, बावजूद इसके यह दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए बहुत अधिक खतरनाक है। इस बीच राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में शनिवार को 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर प्रति घंटा औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन आने वाले दिनों में इसके बिगड़ने की संभावना है। वायु प्रदूषण की निगरानी करने वाले पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की संस्था इंडिया सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च ( Ministry of Earth Sciences's System of Air Quality and Weather Forecasting And Research) के मुताबिक,  AQI अगले दो दिनों में खराब श्रेणी में रहेगी और वायु प्रदूषण में गिरावट का अनुमान है। हवा की गति में वृद्धि के प्रभाव से राजस्थान के शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र से धूल के उत्सर्जन में वृद्धि के चलते वायु प्रदूषण में इजाफा होगा। 

 केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (Central Pollution Control Board) का कहना है कि हालांकि, वायु प्रदूषण में सुधार, लेकिन दिल्ली के मुंडका इलाके में AQI 300 से अधिक रहा।  इसी के साथ फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता स्तर खराब श्रेणी में ही रहा। वहीं, गाजियाबाद भी वायु प्रदूषण के चलते लोगों को परेशान हुई।

 दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो बदलते मौसम के चलते दिल्ली- एनसीआर की हवा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी से खराब श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 229 दर्ज किया गया। दूसरी ओर फरीदाबाद का एक्यूआइ 207, गाजियाबाद का 252, ग्रेटर नोएडा का 214, गुरुग्राम का 208 व नोएडा का 201 रहा।

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