विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एशिया के सबसे बड़े सदर बाजार में इन वजहों से नहीं हो पा रहा कोरोना दिशानिर्देशों का पालन, फेडरेशन ने लिखा लेटर

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Wed, 07 Jul 2021 02:46 PM (IST)

फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि उनके बाजार में अवैध रेहड़ी-पटरी वालों की ...और पढ़ें

फेडरेशन आफ सदर बाजार ने जिलाधिकारी व डीसीपी को पत्र लिखकर अवैध रेहड़ी-पटरी वालों पर कार्रवाई की मांग की।
फेडरेशन आफ सदर बाजार ने जिलाधिकारी व डीसीपी को पत्र लिखकर अवैध रेहड़ी-पटरी वालों पर कार्रवाई की मांग की।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। एशिया के बड़े बाजारों में से एक सदर बाजार में अतिक्रमण बड़ी समस्या है, जिसके कारण इस बाजार में कोरोना दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ रही है। इसी तरह के एक मामले में सदर बाजार स्थित रूई मंडी बाजार पर जिला प्रशासन ने बंदी का चाबुक चलाया, लेकिन इस बाजार में मौजूद 50 से अधिक बाजारों की भी स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं है।

इस संबंध में फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि उनके बाजार में अवैध रेहड़ी-पटरी वालों की मौजूदगी बड़ी समस्या है। ये सड़क से लेकर फुटपाथ तक पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इसके कारण बाजार में बराबर भीड़ भाड़ की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में शारीरिक दूरी का पालन आसान नहीं होता है। यहीं नहीं, ये लोग मास्क लगाने को लेकर भी लापरवाह होते हैं। इस कारण हम लाख प्रयास कर भी कोरोना दिशानिर्देशों का पालन नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन्हे हटाने तथा कोरोना दिशानिर्देशों का पालन कराने को लेकर वह जिलाधिकारी व डीसीपी को कई पत्र लिख चुके हैं तथा उनसे सिविल डिफेंस के जवानों के साथ ही अ‌र्द्धसैनिक बल के जवानों की मांग कर चुके हैं।

यहां के दुकानदारों की चिंता गलत नहीं है। क्योंकि बाजार खुलने के साथ ही यहां हजारों की संख्या में अवैध रूप से रेहड़ी-पटरी वालों ने सड़कों के साथ ही फुटपाथों पर कब्जा जमा लिया है। इन्हें हटाना यहां के दुकानदारों के बस की बात नहीं है। रूई मंडी बाजार संगठन के अध्यक्ष जयदीप अरोड़ा कहते हैं कि इनके पीछे पूरा एक माफिया वर्ग काम करता है। इसलिए जब वह बाजारों में रिक्शा, ठेला व वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेड्स का प्रयास किया तो उनका तीखा विरोध होने लगा है।

सदर बाजार में 50 से अधिक बाजार हैं जिनमें 50 हजार से अधिक दुकानें है। यहां रोजाना खरीदारी करने आने वालों की संख्या भी एक लाख से अधिक होती है। राकेश यादव कहते हैं कि ऐसे में इस बाजार के लिए विशेष योजना की जरूरत है। यहां अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन अतिक्रमण हटाने का काम नगर निगम, जिला प्रशासन और दिल्ली पुलिस का ही है।

आज से खुलेगी रूई मंडी बाजार दो दिन की बंदी के बाद आज से रूई मंडी बाजार खुलेगा। रविवार को मध्य जिला प्रशासन ने एक आदेश जारी कर बाजार में कोरोना दिशानिर्देशों का पालन न होने का हवाला देते हुए सोमवार और मंगलवार तक बाजार बंद करने का आदेश दिया था। इसके बाद यहां बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस की तैनाती कर दी गई। हालांकि, मंगलवार को अंदर गलियों की दुकानें खुली होने की वजह से चहल-पहल रहीं। रूई मंडी बाजार संगठन के अध्यक्ष जयदीप अरोड़ा ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए तय दिशानिर्देशों के मद्देजनर बाजार में शाम को ही लोडिंग -अनलोडिंग की अनुमति दी गई है। वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।