नई दिल्ली [राहुल चौहान]। कोरोना महामारी के दौरान अधिकतर समय घर में रहने के कारण वजन बढ़ने के मामले सामने आए हैं। सर गंगाराम अस्पताल के एक संस्थान द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे के अनुसार बच्चों का वजन 10 फीसद तक बढ़ा है। इनमें 10 से लेकर 20 साल की उम्र तक के बच्चे व वयस्क शामिल हैं।

1309 बच्चों के बीच हुआ सर्वे

सर गंगा राम अस्पताल के मिनिमल एक्सेस, मेटाबोलिक और बैरिएट्रिक सर्जरी संस्थान के अध्यक्ष डा. सुधीर कल्हन के अनुसार, हमने एक से 31 अक्टूबर तक 1309 बच्चों के बीच एक सर्वे किया, जिन्हें कोरोना संकट की वजह से पिछले डेढ़ साल के दौरान अधिकतर समय घर में बिताना पड़ा। इनमें 1309 बच्चों में से 785 बच्चों में लगभग 10 फीसद वजन बढ़ गया था। जो बच्चों की संख्या का 60 फीसद है।

दिनचर्या प्रभावित होने को वजन बढ़ने का प्रमुख कारण

डा. कल्हन ने आगे कहा कि बातचीत के दौरान 36.8 फीसद लोगों ने दिनचर्या प्रभावित होने को वजन बढ़ने का प्रमुख कारण बताया, जबकि 27.55 फीसद ने देर से सोने और 22.4 फीसद ने अधिक फास्ड फूड खाने को वजन बढ़ने की वजह बताया। उन्होंने बताया कि मोटापे की वजह से डायबिटीज और म्यूकर माइकोसिस जैसी गंभीर बीमारियां किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती हैं।

बच्चों में वजन बढ़ने के मामले अधिक

खासतौर से बच्चों में वजन बढ़ने के मामले अधिक रहे हैं क्योंकि करीब दो साल तक स्कूल बंद रहना, कोई शारीरिक गतिविधि नहीं और सोने का कोई समय न होने के कारण अब उनमें कई शारीरिक, व्यवहारिक और जीवन शैली संबंधी विकार हो रहे हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

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Edited By: Prateek Kumar