नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 को लागू करने के लिए तैयार स्नातक पाठ्यक्रमों के मसौदे पर कालेजों के प्राचार्यों की ओर से सुझाव भेेजने शुरू कर दिए गए हैं। अभी तक तीन कालेज के प्राचार्यों ने डीयू कुलपति को अपने सुझाव भेजते हुए मसौदे का स्वागत किया है। कालेज आफ आर्ट एंड कामर्स (सीओएसी) के प्राचार्य प्रो. राजीव चोपड़ा ने डीयू द्वारा जारी स्नातक पाठ्यक्रम की नवीनतम रूपरेखा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि कुलपति प्रो. योगेश सिंह के निर्देशन में बने मसौदे के क्रियान्वयन के पश्चात नई शिक्षा नीति के उस लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सक्षम होंगे, जिसमें भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम है जो शिक्षा को नए एवं सकारात्मक आयाम देगा।

वहीं, रामानुजम कालेज के प्राचार्य प्रो. एसपी अग्रवाल ने कहा है कि नए मसौदे को लागू करने से विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर अपनी रेटिंग को सुधारने का मौका मिलेगा। साथ ही छात्रों को विश्वविद्यालयों में मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रमों के माध्यम से भारतीय परंपरा से रूबरू कराने पर भी जोर रहेगा। जबकि शहीद राजगुरू कालेज की प्राचार्या डा. पायल मग्गो ने अपने सुझाव में कहा है कि कालेज के प्राचार्य के रूप में मैं कह सकती हूं कि चार साल के स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए मसौदा पाठ्यचर्या की रूपरेखा छात्रों के लिए हितकर होगी। जिसमें छात्रों को स्नातक के साथ कौशल उन्मुख पाठ्यक्रमों उद्यमिता, इंटर्नशिप और अनुसंधान से वैश्विक मानकों के साथ लैस किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि स्नातक पाठ्यक्रम के चार वर्षीय मसौदे को लागू करने से पहले डीयू ने छात्रों, शिक्षाविदों, पूर्व छात्रों, प्लेसमेंट करने वालों (रिक्रूटर), अभिभावकों आदि से 30 जनवरी रात 11 बजकर 59 मिनट तक सुझाव मांगे हैं। इसी के तहत प्राचार्यों ने अपने सुझाव भेजे हैं।

Edited By: Mangal Yadav