यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Airport: कम नहीं हो रही हवाई यात्रियों की परेशानी, घरेलू उड़ानों पर जबरदस्त असर; 11-13 घंटे तक फ्लाइट्स देरी से उड़ीं
घने कोहरे के कारण उड़ानों की समय सारिणी में गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कई दिनों ...और पढ़ें

HighLights
- यात्रियों की परेशानी नहीं विलंबित उड़ानों की संख्या हुई कम।
- एयरपोर्ट का संचालन करने वाली एजेंसी और एयरलाइंस ने कहा- स्थिति में जल्दी होगा सुधरा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। घने कोहरे के कारण उड़ानों की समय सारिणी में गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कई दिनों से उड़ानों में लेटलतीफी का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों को जोड़ दें तो 288 उडा़नें विलंबित हुई।
संख्या के लिहाज से देखें तो विलंबित उड़ानों की संख्या रविवार व सोमवार के मुकाबले कम हैं, लेकिन यात्रियों की परेशानियों के लिहाज से देखें तो इतनी उड़ानों में विलंब से यात्री बिफर रहे हैं। एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी एजेंसी डायल (Delhi International Airport Limited) व विभिन्न एयरलाइंस का कहना है कि आने वाले समय में स्थिति में सुधार होगा।
घरेलू उड़ानों पर जबरदस्त असर
घने कोहरे के कारण दृश्यता का स्तर रनवे पर शुन्य होने से सबसे ज्यादा घरेलू उड़ानें प्रभावित रही। सुबह छह बजे के बाद से स्थिति और खराब हो गई। इसके बाद उड़ानों में विलंब होने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे ज्यादा असर प्रस्थान पर पड़ा। सुबह छह बजे से 10 बजे के बीच कम से कम 70 उड़ानों में देरी हुई।
इसके बाद भी स्थिति धीरे-धीरे सुधरने लगी। बंगलुरू की उड़ान सात घंटे, भुवनेश्वर व चंडीगढ़ की उड़ान छह घंटे, श्रीनगर व अहमदाबाद की उड़ान चार घंटे की देरी से रवाना हुई। उधर आगमन की बात करें तो यहां भी लेटलतीफी जारी रही। गुवाहाटी से उड़ान तय समय से 11 घंटे, पुणे से उड़ान सात व अहमदाबाद से चार घंटे की देरी से उड़ान पहुंची।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी काफी विलंब
रियाद की उड़ान आठ घंटे, वेंकवूर की उड़ान 13 घंटे तो फुकेट की उड़ान पांच घंटे की देरी से रवाना हुई। प्रस्थान की कुल 34 उड़ानें विलंबित रही। वहीं आगमन में करीब 29 उड़ानों में विलंब देखा गया।
