नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। गंगाराम अस्पताल के डाक्टरों ने 33 वर्षीय युवक की कटी हुई अंगुली को चार घंटे की सर्जरी में जोड़ दी। डाक्टरों ने यह सर्जरी कुछ दिन पहले की थी। डाक्टर कहते हैं कि सर्जरी के बाद युवक ठीक है। डाक्टर कहते हैं कि दरवाजों में दबकर अंगुली कटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बच्चे ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं। अस्पताल के प्लास्टिक व कास्मेटिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डा. महेश चंद मंगल ने कहा कि पीड़ित युवक अपने घर में रेलिंग पकड़कर सीढ़ियों से उतर रहे थे। उन्होंने छोटी अंगुली में रिंग पहनी हुई थी। यह रिंग सीढ़ियों के साथ लगी लोहे की रेलिंग में कहीं फंस गई।

इस दौरान हाथ को आगे खींचने पर छोटी अंगुली कटकर अलग हो गई। परिवार के लोग उन्हें लेकर इमरजेंसी में पहुंचे। इसके बाद डाक्टरों की दो टीमें इलाज में जुट गई। एक टीम ने कटी हुई अंगुली के हिस्से को आपरेशन थियेटर में ले जाकर ठीक से साफ किया और माइक्रोस्कोप के जरिये धमनी व अन्य नसों को अलग-अलग कर सर्जरी के लिए तैयार किया गया। इस दौरान डाक्टरों की दूसरी टीम ने पीड़ित युवक को सर्जरी के लिए तैयार किया। फिर सर्जरी शुरू हुई। सबसे पहले कटी हुई अंगुली की हड्डी को पीडि़त युवक की हाथ की हड्डी से जोड़ा गया। इसके बाद नसों को जोड़ा गया। सर्जरी के करीब पांच दिन में युवक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

एक साल में देखे 50 मामले

डा. मंगल ने कहा कि कोरोना के दौरान पिछले एक साल में इस तरह के 50 मरीजों का इलाज किया गया है। जिसमें 60 फीसद बच्चे शामिल हैं। 85 फीसद पीडि़तों की अंगुलियां दरवाजे में दबकर कटी थीं। उन्होंने कहा कि अंगुलियां कटने के बाद यदि उन्हें बर्फ के साथ पाली बैग में ठीक से सुरक्षित रखा जाए, तो घटना के 16 से 20 घंटे बाद भी जोड़ी जा सकती हैं। इस तरह कलाई को 10 से 12 घंटे में और कोहनी को छह से आठ घंटे में जोड़ा जा सकता है।

Edited By: Mangal Yadav