नई दिल्ली (बिजेंद्र बंसल)। हरियाणा विधानसभा में मॉनसून सत्र के तीसरे और अंतिम दिन मंगलवार को जोरदार हंगामे के बाद एक साल के लिए निलंबित पलवल से कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल हमेशा विवादों में रहते हैं। अपनी विवादित टिप्पणी के चलते करण दलाल कई बार हरियाणा भाजपा के निशाने पर भी आ चुके हैं।

वहीं, हंगामे और विधानसभा से एक साल के निलंबन के बाद दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में करण दलाल ने कहा- 'वो जिस तरीके से गीदढ़ भभकी दे रहा था... मैंने उससे कहा अपनी औकात में रह...तेरा इन बातों से क्या लेना-देना...मामला हमारा और सरकार के बीच में है...तु सरकार का वकील है क्या... तूतू मैं-मैं हुई तो आपे से बाहर निकल करके...  मैं गवाह हूं...तेरा दर्द समझता हूं। तू तो मेरे खिलाफ दर्द रखेगा ही... तेरे सीबीआइ केस में गवाह हूं...मैंने तेरे खिलाफ गवाही दी है। ये वही मोहब्बत है...।'

करण दलाल के विवादित बोल

1. इसी साल जून महीने में कांग्रेस के पलवल से विधायक करण दलाल हरियाणा के सीएम मनोहर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।  

2. दिसंबर 2017 में तो करण दलाल ने राम रहीम को भाजपा नेताओं का फूफा तो हनीप्रीत को भाजपा की बुआ बता दिया था।

3. अप्रैल 2016 में तो हरियाणा के पलवल से कांग्रेस के विधायक करण दलाल ने आइएएस अधिकारी अशोक खेमका के बारे में विवादित बयान दे डाला था। उन्होंने कहा था कि अशोक खेमका का दिमागी संतुलन ठीक नहीं है। उन्होंने अशोक खेमका की प्रमोशन और पोस्टिंग पर भी सवाल उठाए थे। 

4. मई, 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर सियासी घमासान पर करण दलाल ने विवादित टिप्पणी की थी। करण दलाल ने कहा था कि बंटवारे के पहले जिन्ना ने भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी थी। यह अलग मुद्दा है कि देश का बंटवारा हो गया, जिसमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

यहां पर बता दें कि मंगलवार को सदन में कांग्रेस के विधायक करण सिंह दलाल और इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) विधायक व नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के बीच किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इस दौरान दोनों ने एक दूसरे को अपशब्द भी कहे। हंगामा बढ़ने के कारण सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित भी कर दिया गया।

इस दौरान सदन की मर्यादा को तार-तार करते हुए करण दलाल और अभय चौटाला ने सदन की कार्यवाही के दौरान ही एक-दूसरे को जूता तक निकाल कर दिखाया। इसके बाद मामला बिगड़ता देखकर मार्शलों को बीच बचाव करना पड़ा। 

यह है पूरा मामला

सदन की कार्रवाई की दौरान करण सिंह दलाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर हमला बोलते हुए गरीबों का हक छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश को कलंकित कर रही है। विधायक दलाल के बयान के बाद ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष ने भी करण के खिलाफ हंगामा किया। इस दौरान भाजपा विधायकों ने करण दलाल एक साल के लिए सस्पेंड करने की मांग की और सस्पेंशन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होते ही करण दलाल को एक साल तक के लिए विधानसभा से सस्पेंड कर दिया गया।

जानिये कौन हैं करण दलाल

यहां पर बता दें कि करण दलाल दिल्ली से हरियाणा की पलवल सीट से विधायक हैं और अपने बयानों के चलते लगातार विवाद में रहते हैं। करण दलाल हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी भी हैं।

Posted By: JP Yadav