नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। टीकाकरण कराने को लेकर केंद्र सरकार की डायलर ट्यून की अलोचना करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि जब हमारे पास पर्याप्त टीका ही नहीं है तो टीकाकरण कराने के संदेश वाले ट्यून चिढ़ाने जैसे हैं। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि जब भी लोग फोन करते हैं आप चिढ़ पैदा करने वाले एक ही संदेश को बजा रहे हैं। पीठ ने कहा कि आपको अभिनेता अमिताभ बच्चन जैसे प्रख्यात लोगों के साथ टीवी एंकर व निर्माताओं से प्रोग्राम बनवाना चाहिए, ताकि लोगों को आक्सीजन कान्संट्रेटर, सिलेंडर के इस्तेमाल से लेकर टीकाकरण कराने के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरुक किया जा सके।

अदालत ने कहा आप लोगों को टीका नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कह रहे हैं कि टीका लगवा लो। कौन लगाएगा टीका जब टीका ही नहीं है। इस तरह के संदेश का क्या मतलब है। आपको इसे सभी को देना चाहिए और तब भी अगर आप पैसे लेकर लगाना चाहते हैं। पीठ ने कहा कि आपको विभिन्न प्रकार के संदेश बनाने चाहिए, ताकि लोग जब अलग-अलग संदेश सुने तो उन्हें उससे मदद मिले। 

पीठ ने कहा कि इन वीडियो काे राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि जिस तरह से पिछले साल मास्क लगाने और हाथ धोने को लेकर प्रचारित व प्रासारित किया गया था उसी तरह इस बार आक्सीजन के इस्तेमाल पर आडियो-विजुअल के जरिए जागरुक करने की जरूरत है।

पीठ ने कहा कि हमारे पास समय नहीं है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरुक करने के लिए हमारे अंदर ताल्कालिकता होनी चाहिए। पीठ ने उक्त टिप्पणियों के साथ केंद्र व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वे 18 मई तक हलफनामा दायर करके बताएं कि टीवी व प्रिंट मीडिया के माध्यम से कोरोना प्रबंधन पर सूचना का प्रसार करने के लिए क्या कदम उठाने जा रहे हैं।