नई दिल्ली [निहाल सिंह]। राजधानी में बीते सप्ताह खराब हुए वायु के स्तर और एक अक्टूबर से लागू होने वाले ग्रेप के लिए दिल्ली नगर निगम ने अपनी तैयारी कर ली है। इसके तहत 13 प्रमुख हाटस्पाट पर कार्य करने के लिए निगम ने क्षेत्रीय उपायुक्तों को नोडल अधिकारी बनाया है। यह क्षेत्रीय उपायुक्त यहां प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों की निगरानी करेंगे।

इसके साथ ही जो भी कदम उठाए जाने हैं उनको उठाकर कार्य करेंगे। इसके क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न टीमें बनाई गई है। जिसमें दिल्ली जल बोर्ड से लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली पुलिस के कर्मी भी शामिल हैं। दिल्ली नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए निगम ने विभिन्न कदम उठाए हैं।

इस दिशा में कार्य करते हुए धूल से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली नगर निगम ने 11 एंटी स्माग गन विभिन्न स्थानों पर तैनात की हैं। इसमें दो स्माग गन भलस्वा लैंडफिल, दो स्माग गन सिविक सेंटर पर लगाई है। इसी प्रकार तीन स्माग गन रानी खेड़ा, बुराड़ी और जहांगीरपुरी सीएंडडी प्लांट पर लगई है। जबकि एक-एक स्माग गन ओखला और गाजीपुर लैंडफिल पर लगाई गई है। अन्य स्माग गन उन स्थानों पर तैनाती की गई है जहां पर धूल के प्रदूषण होने की संभावना है।

500 वर्गमीटर के प्लाट पर निर्माण के विध्वंस कचरे के निस्तारण के लिए कराना होगा पंजीकरण

कम मात्रा में विध्वंस कचरा यानि मलबे के निस्तारण के लिए भी अलग व्यवस्था की है। निगम के अनुसार 150 के करीब स्थानों पर ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां पर नागरिक कम मात्रा में मलबा डाल सकते हैं। वहीं, ज्यादा मात्रा में मलबे का निस्तारण नागरिकों को (कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन वेस्ट)सीएंडडी केंद्रों पर ही करना होगा।

इसके लिए एमसीडी ने बक्करवाला, रानीखेड़ा एवं शास्त्री पार्क प्लांट पर निगम यह कचरा लेगा। इसके लिए निगम ने निर्माण की मजदूरी देने के समय ही ऐसे निर्माण का पंजीकरण दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए जा रहे है।

इसके दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी ने सीएंडडी वेब पोर्टल भी आरंभ किया है।सड़कों पर धूल के प्रदूषण को रोकने के लिए किया जाएगा पानी का छिड़काव वैसे तो अभी वर्षा हो रही है, इसलिए निगम के स्प्रिंकर काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन धूल के प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए निगम ने 52 मैकेनिकल स्वीपर तैनात किए हैं। जो कि प्रतिदिन 1560 किलोमीटर सड़कों की सफाई करेंगे।

निगम के अनुसा 252 वाट स्प्रिंकलर हैं जिन्हें 80 प्रतिशत धूल के प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए लगाया गया है। प्रतिदिन यह स्प्रिंकलर 1600 किलोमीटर सड़कों पर पानी का छिड़रकाव करेंगे। दिन में दो बार एक सड़क पर यह कार्य किया जाएगा।

यह हैं प्रदूषण के लिए हाटस्पाट

नरेला, बवाना, जहांगीरपुरी, मुंडका, वजीरपुर, रोहिणी, आरकेपुरम, विवेक विहार, आनंद विहार, पंजाबी बाग, मायापुरी, द्वारका और ओखला।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan