नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि स्कूल मित्र को 18 लाख अभिभावक तक पहुंचाना दिल्ली के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है। उन्होंने कहा कि घर में 17- 18 घंटे बच्चा अभिभावक से सीखता है। स्कूल में उसका समय मात्र 7 घंटे का बीतता है, ऐसे में स्कूल में कुछ भी सीखने से ज्यादा वो अपना घर में ही सीखेगा। उन्होंने स्कूल मित्र कार्यक्रम के तहत पेरेंट्स संवाद के कार्यक्रम को लांच करते हुए ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि जीरो प्रेंटिंग और ओवर प्रेंटिंग होती है उसमें मां बाप को बॉस बनाकर सिखाते हैं। बच्चे को प्रॉपर्टी समझते हैं। स्कूल मित्र प्रोग्राम से बोसिज्म को कम किया जा सकता है। बच्चे राष्ट्र की धोरहर है। तीसरा हम तो बच्चों के अभिभावक नहीं हैं, दोस्त बन रहे है। भगवान के ऊपर, बॉस, और दोस्त नहीं बच्चों के अभिभावक बनो।

उन्होंने कहा कि पीटीएम से बच्चों को फायदा हुआ था। हैप्पीनेस प्रोग्राम से बच्चों को लाभ मिला। बच्चों के अभिभावक की एक सप्ताह की वर्कशॉप होनी चाहिए, दिल्ली से उसकी शुरुआत होगी। ये भरोसा है।

उन्होंने कहा कि कोविड में अभिभावकों के लिए परेशानी हुई। लड़की की शादी कराई। लड़के को काम पर लगाया गया। आज पेरेंट्स को टीचर ने तलाशा और कहा कि बच्चों को लेकर स्कूल आएं। ट्रेसिंग, ट्रेकिंग का काम नहीं उनकी ग्रोथ का काम है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari