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सर्दी, गर्मी और बरसात तीनों सीजन में दिल्लीवाले परेशान, आतिशी-सौरभ बताएं कैसे डूबी दिल्ली: भाजपा

Delhi Rain भाजपा ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आप के भ्रष्टाचारी होने की वजह से दिल्ली हल्की बारिश में डूब रही है। दिल्लीवाले गर्मी में पानी सर्दी में प्रदूषण और बारिश में जलभराव और बाढ़ के कारण परेशान रहते हैं। आतिशी और सौरभ को बताना चाहिए कि दिल्ली हल्की बारिश में कैसे डूब गई।

By Santosh Kumar Singh Edited By: Geetarjun Tue, 09 Jul 2024 04:10 PM (IST)
दिल्ली के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, जल और पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री सौरभ भारद्वाज बार-बार मानसून की तैयारी पूरी होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वर्षा होते ही उनके दावे की पोल खुल जाती है।

नालों की सफाई नहीं होने के कारण मंगलवार को कुछ मिनटों की वर्षा में ही दिल्ली की सड़कें पानी में डूब गईं। लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों में जमभराव की समस्या से जूझना पड़ा।

भ्रष्टाचार से डूब रही दिल्ली

प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा, आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार के कारण दिल्ली की यह स्थिति हो रही है। ठेकेदार से कमीशन लेने, कागजों पर काम होने के कारण जलभराव की समस्या हो रही है। एक तो नालों की सफाई नहीं हुई और जहां हुई है वहां गाद निकालकर वहीं छोड़ दिया गया, जिससे वर्षा होते ही फिर से नाले जाम हो गए।

सर्दी, गर्मी और बारिश में दिल्लीवासी रहते हैं परेशान

पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा, इस सरकार की नाकामी से पूरे वर्ष दिल्लीवासी परेशान रहते हैं। गर्मी में लोग पानी की समस्या से, वर्षा होने पर जलभराव की समस्या से और सर्दी में प्रदूषण से दिल्लीवासी परेशान होते हैं।

लोगों का सुख चैन छीन लेने वाली सरकार को एक भी दिन सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। यह सरकार अधिकांश समय झूठ बोलने में लगाती है। इसका आधा समय भी काम पर ध्या दे तो दिल्लीवासियों की समस्या दूर हो सकती है।

झूठे आरोप लगाती है आप

मुख्यमंत्री के उपलब्ध नहीं होने से समस्या बढ़ रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र सरकार पर काम नहीं करने देने का झूठे आरोप लगाती है। केंद्र सरकार के निर्देश पर पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के समय में एपेक्स कमेटी बनाई गई थी।

उसका अध्यक्ष मुख्यमंत्री और सभी मंत्री, यमुना के साथ लगते क्षेत्रों का विधायक, मुख्य सचिव, वित्त सचिव व अन्य विभागों के अधिकारी, तीनों सेना के अधिकारी, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव, डीडीए उपाध्यक्ष, केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रमुख इसके सदस्य होते हैं।

बाढ़ रोकने को नहीं होती बैठक

आम तौर पर जनवरी में एपेक्स कमेटी की बैठक होती है, जिससे कि बाढ़ नियंत्रण की व्यवस्था हो सके। इस बार जून के दूसरे सप्ताह में बैठक हुई। जब बैठक इतनी देर से होगी तो तैयारी कैसे होगी? उन्होंने कहा सौरभ भारद्वाज घूम घूमकर बाढ़ व जलभराव की समस्या से निपटने की तैयारी का दावा कर रहे थे।

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उन्हें बताना चाहिए कि हल्की वर्षा में ही जलभराव क्यों हो रहा है? जेल में रहकर सरकार चलाने वालों को बताना चाहिए कि इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या इसके लिए भी पड़ोसी सरकार जिम्मेदार है?

उन्होंने कहा, वर्ष 2015 में 950 एमजीडी पानी उपलब्ध था और आज भी लगभग इतना ही पानी है। जल वितरण  प्रणाली चरमरा गई है। सरकार को बताना चाहिए कि पिछले 10 वर्षों में कितने भूमिगत जलाशय बनाए गए।