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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: विनेश फोगाट बोलीं- "हम PM को सभी सबूत सौंपने को तैयार", पहलवानों के आरोप पर WFI प्रेसिडेंट ने दी सफाई

By Jagran NewsEdited By: Shyamji Tiwari
Published: Wed, 18 Jan 2023 01:29 PM (IST)Updated: Wed, 18 Jan 2023 06:25 PM (IST)

दिल्ली के जंतर मंतर पर बजरंग पुनिया सहित अन्य पहलवान धरने पर बैठे हैं। इन पहलवानों ने फेडरेशन पर बड़ा ...और पढ़ें

दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे पहलवान
दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे पहलवान

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के खिलाफ देश के नामी पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठ गए हैं। खिलाड़ियों का आरोप है कि डब्ल्यूएफआई अपने मनमाने नियमों से पहलवानों का उत्पीड़न कर रहा है। 

पहलवानों के आरोपों के बीच फेडरेशन के प्रेसिडेंट ने सफाई दी है। यौन उत्पीड़न एक बड़ा आरोप है। जब मेरा ही नाम इसमें घसीटा गया है तो मैं कैसे कार्रवाई कर सकता हूं? मैं जांच के लिए तैयार हूं। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि क्या पिछले दस सालों से उन्हें फेडरेशन से कोई दिक्कत नहीं थी? नए नियम और विनियम लाए जाने पर मुद्दे सामने आते हैं।

पहलवान विनेश फोगट और साक्षी मलिक द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर फेडरेशन प्रेसि़डेंट ने आगे कहा कि क्या कोई सामने है जो कह सके कि फेडरेशन ने किसी एथलीट का उत्पीड़न किया?

हालिया फैसलों से नाराज हैं खिलाड़ी

बता दें कि भारतीय कुश्ती संघ के हालिया फैसलों से खिलाड़ी नाराज चल रहे हैं। इसी कारण से उन्होंने सड़क पर आकर अपने गुस्से का इजहार किया। ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया ने ट्वीट करते हुए लिखा कि खिलाड़ी पूरी मेहनत कर कर देश को मेडल दिलाता हैं लेकिन फेडरेशन ने हमें नीचा दिखाने के अलावा कुछ नहीं किया।

बजरंग पुनिया ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि फेडरेशन का बदलाव हो और रेस्लिंग को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा पहलवानों को परेशान किया जा रहा है। जो लोग WFI का हिस्सा हैं, उन्हें इस खेल के बारे में कुछ नहीं पता है

फेडरेशन पर खिलाड़ियों को प्रताड़ित करने का आरोप

मनचाहे क़ायदे क़ानून लगा कर खिलाड़ियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा कि फेडरेशन का काम खिलाड़ियों का साथ देना है। उनकी खेल की जरूरतों का ध्यान रखना होता है। कोई समस्या हो तो उसका निदान करना होता है लेकिन अगर फेडरेशन ही समस्या खड़ी करे तो क्या किया जाए? अब लड़ना पड़ेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे।

धरने पर बैठे पहलवानों में बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक सहित अन्य शामिल हैं। साक्षी मलिक ने ट्वीट करके कहा कि खिलाड़ी पूरी मेहनत कर के देश को मेडल दिलाता हैं लेकिन फेडरेशन ने हमें नीचा दिखाने के अलावा कुछ नहीं किया। मनचाहे क़ायदे क़ानून लगा कर खिलाड़ियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

वहीं विनेश फोगाट ने कहा कि महिला पहलवान को कई तरह परेशानी होती है, कुश्ती के अध्यक्ष द्वारा महिला खिलाड़ियों का शोषण किया गया। फेडरेशन खिलाड़ियों पर जबरदस्ती बैन लगाती है जिससे खिलाड़ी न खेल सके। किसी भी खिलाड़ी को कुछ होता है तो उसके ज़िम्मेदार कुश्ती संघ के अध्यक्ष होंगे।

विनेश ने WFI प्रेसिडेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया है। उन्होंने आगे कहा कि कोच महिलाओं को प्रताड़ित कर रहे हैं और फेडरेशन के चहेते कुछ कोच महिला कोचों के साथ भी बदसलूकी करते हैं। वे लड़कियों का यौन उत्पीड़न करते हैं। 

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भारतीय कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि हमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सूचना मिली जिसके बाद मैं पहलवानों से पूछने आया हूं कि उन्हें क्या समस्या है। ये लोग एक बार फेडरेशन के सामने आए, उसके बाद इनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। फेडरेशन के पास अभी तक इनके द्वारा कोई शिकायत नहीं मिली है।

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