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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Riots: दंगाइयों ने पहचान छिपाने को नष्ट किए थे CCTV कैमरे, तीसरी चार्जशीट में हुआ खुलासा

By Mangal YadavEdited By:
Published: Thu, 04 Jun 2020 04:15 PM (IST)Updated: Thu, 04 Jun 2020 05:25 PM (IST)

Delhi violence case दंगाइयों की भीड़ द्वारा एक समुदाय की संपत्तियों और दुकानों को निशाना बनाया गया। देर रात तक विशेष समुदाय हावी रहा।

Delhi Riots: दंगाइयों ने पहचान छिपाने को नष्ट किए थे CCTV कैमरे, तीसरी चार्जशीट में हुआ खुलासा
Delhi Riots: दंगाइयों ने पहचान छिपाने को नष्ट किए थे CCTV कैमरे, तीसरी चार्जशीट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली [लोकेश चौहाना]। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान विशेष समुदाय की भीड़ के निशाने पर दूसरे समुदाय की संपत्ति थी। दंगाइयों की भीड़ ने देर रात तक उत्पात मचाते हुए शिव विहार तिराहे के आसपास की एक समुदाय के लोगों की संपत्तियों में तोड़-फोड़ करने के साथ आगजनी की थी। इस दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हुई थी, जबकि दूसरे व्यक्ति की गोदाम में की गई आगजनी में जलकर दर्दनाक मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की तरफ से दायर किए तीसरे आरोप पत्र में इन बातों को शामिल किया गया है।

क्राइम ब्रांच के आरोप पत्र के मुताबिक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की शुरुआत कर्दमपुरी, मौजपुर और चांद बाग हुई थी। इसके बाद दंगाईयों की भीड़ उत्तर-पूर्वी जिले के विभिन्न इलाकों में और उसके बाद डीआरपी स्कूल और राजधानी पब्लिक स्कूल के पास शिव विहार तिराहा पर पहुंची थी। दोपहर बाद लगभग तीन बजे बृजपुरी पुलिया की तरफ से विशेष समुदाय के लोगों की भीड़ आ गई और दंगा शुरू कर दिया। दंगाई भीड़ ने देर रात तक उत्पात मचाया।

एक समुदाय की संपत्तियों और दुकानों को बनाया गया निशाना

उसी दंगाइयों की भीड़ द्वारा एक समुदाय की संपत्तियों और दुकानों को निशाना बनाया गया। देर रात तक विशेष समुदाय हावी रहा। देर शाम महालक्ष्मी एन्क्लेव के रहने वाले राहुल सोलंकी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोकलपुरी और दयालपुर थाने में दंगे, आगजनी और हत्या के 12 मामले दर्ज किए गए।

दिलबर नेगी, जो एक दुकान पर काम करता था। दंगे के दिन वह लंच और आराम करने के लिए  गोदाम में चला गया था। देर रात तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। 25 फरवरी को भी दंगे जारी रहे। 26 फरवरी की दोपहर गोकलपुरी थाने की पुलिस को चमन पार्क स्थित एक दुकाने की दूसरी मंजिल पर बने गोदाम में एक पुरुष के शव के बारे में पता चला। बाद में उसकी पहचान दिलबर नेगी के रूप में हुई। यह मामला गोकलपुरी थाने में दर्ज किया गया और आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की एसआइटी को हस्तांतरित किया गया।

12 अभियुक्त हो चुके हैं गिरफ्तार

आगे की जांच में क्राइम ब्रांच को कुछ ही सीसीटीवी फुटेज मिल सकी, क्योंकि आसपास के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे दंगाइयों द्वारा नष्ट कर दिए थे। गवाहों और संदिग्धों के सीडीआर का विश्लेषण करने के साथ चश्मदीद गवाह व तकनीकी सबूतों के आधार पर इस मामले में 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। आरोपित लोगों ने कई बार अपनी जमानत के लिए आवेदन किए थे जो कोर्ट द्वारा खारिज कर दिए गए। सभी आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।