नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले चल रहे हैं। तीन कटआफ के बाद डीयू ने स्पेशल कटआफ जारी किया है। पहले कटआफ से ही दाखिला प्रक्रिया पर चर्चा के केंद्र बिंदू में बनी हुई है। डीयू के इतिहास में पहली बार एक साथ आठ कालेजों ने दस पाठ्यक्रमों का कटआफ सौ फीसद जारी किया। शिक्षक संगठन भी लगातार छात्रों को दाखिले में होने वाली दिक्कतों से संबंधित मसला उठा रहे हैं। इन सबके बीच डीयू इवनिंग कालेजों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अगले साल इस विषय पर मंथन होगा। अगर डीयू इवनिंग कालेजों की संख्या बढ़ाता है तो जाहिर तौर पर सीटें बढ़ेंगी। इससे उन छात्रों को खास तौर पर फायदा होगा जो डीयू के कालेजों में पढ़ना चाहते हैं लेकिन सीटों के अभाव में एडमिशन नही ले पाते। यानी अगले साल छात्रों को डीयू बड़ी राहत दे सकता है।

नौकरीपेशा के लिए शुरू हुए थे इवनिंग कालेज

डीयू में इस समय कई इवनिंग कालेज चल रहे हैं। पीजीडीएवी (इवनिंग) कालेज के प्राचार्य डा. रविन्द्र गुप्ता ने बताया कि आजादी के बाद नौकरीपेशा लोगों को ध्यान में रखकर ये कालेज खोले गए थे। सांध्यकालीन कालेजों में कक्षाएं शाम साढे़ पांच बजे से रात के नौ दस बजे तक चलती थी। ताकि नौकरीपेशा लोग कार्यालय आदि से आकर पढ़ाई कर सकें। लेकिन समय के साथ धीरे धीरे नौकरीपेशा लोगों के दाखिले में कमी आयी तो इन कालेजों का समय बदल दिया गया। अब सांध्यकालीन कालेजों की कक्षाएं दोपहर दो बजे से रात के नौ बजे तक चलती हैं।

वर्तमान में चल रहे सांध्यकालीन कालेज

डीयू में वर्तमान में कई कालेज ऐसे हैं, जिनमें सांध्य कालेज भी खुले हैं। इन कालेजों में एक ही कक्षाओं में अलग अलग समय में छात्र पढ़ते हैं। हालांकि कार्यालय, स्टाफ अलग अलग होते हैं।

इवनिंग कालेजों की लिस्ट

  •  दयाल सिंह कालेज (इवनिंग)
  •  मोती लाल नेहरू कालेज (इवनिंग)
  •  जाकिर हुसैन पोस्ट ग्रेजुएट इवनिंग कालेज
  •  पीजीडीएवी कालेज (इवनिंग)
  •  सत्यवती कालेज (इवनिंग)
  •  शहीद भगत सिंह कालेज (इवनिंग)
  •  श्याम लाल कालेज (इवनिंग)
  •  श्री अरविंदो कालेज (इवनिंग)

Edited By: Mangal Yadav