नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में बांग्लादेश की आजादी के स्वर्ण जयंती समारोह में शरीक होने के लिए दो दिवसीय दौरे पर गए थे, जहां दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। तय हुआ कि दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) में बंगबंधु चेयर की स्थापना होगी। इसके जरिये बांग्लादेश की कला व संस्कृति समेत विभिन्न क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। डीयू ने बंगबंधु चेयर की स्थापना के संबंध में तैयारी शुरू कर दी है।

डीयू के लिए यह गर्व का विषय

कार्यवाहक कुलपति प्रो.पीसी जोशी ने कहा कि डीयू के लिए यह गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश के साथ रिश्ते प्रगाढ़ करने के लिए डीयू को चुना। बंगबंधु चेयर बांग्लादेश स्टडीज पर आधारित होगा। चेयर की जिम्मेदारी जिसे भी दी जाएगी, वे बांग्लादेश से संबंधित मसलों पर कार्य करेंगे। इसमें कला, संस्कृति व राजनीति समेत उदार कला व विज्ञान पर शोध होंगे।

सर्वाधिक छात्रों वाला तीसरा देश

भारत में 2018-19 में 164 देशों के 47 हजार विदेशी छात्रों ने पढ़ाई की। छात्रों की संख्या के लिहाज से नेपाल व अफगानिस्तान के बाद बांग्लादेश का नंबर था। डीयू में भी बड़ी संख्या में बांग्लादेश के छात्र पढ़ते हैं। डीयू प्रशासन की मानें तो हाल के वर्षो में छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साल 2013 में जहां छात्रों की संख्या महज चार थी, वहीं अब बड़ी संख्या में छात्र स्नातक व स्नातकोत्तर में दाखिले के लिए डीयू में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सेंट स्टीफंस ने दिया न्योता

डीयू से संबंद्ध सेंट स्टीफंस कालेज ने कुछ समय पूर्व बांग्लादेश के छात्रों को स्नातक में दाखिले का न्योता दिया है। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने इस बाबत एक ट्वीट भी किया था, जिसमें कहा गया था कि बांग्लादेश के जो छात्र डीयू के सेंट स्टीफंस कालेज से पढ़ना चाहते हैं वे ढाका स्थित शिक्षा मंत्रलय के जरिये आवेदन कर सकते हैं।

Edited By: Prateek Kumar