नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दक्षिण-पश्चिमी जिले के मोहम्मदपुर गांव में रहने वाले सर्टिफाइड फुटबाल कोच से ढाई लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने खुद को भाजपा नेता बताते हुए पीड़ित को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई बार में ढाई लाख रुपये वसूल लिए। रुपये देने के बाद आरोपित ने पीड़ित से बात करना भी बंद कर दिया। पीड़ित ने पुलिस को मामले की शिकायत दी है। सागर विश्वकर्मा मोहम्मदपुर गांव में रहते हैं।

वह फुटबाल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं और अब आल इंडिया फुटबाल फेडरेशन की ओर से सर्टिफाइड कोच हैं। उन्होंने बताया कि उनके एक परिचित के माध्यम से गौरव मल्होत्र नाम के एक युवक से उनकी मुलाकात हुई। उसने उन्हें बताया कि वह उसकी रेलवे में खेल कोटे में नौकरी लगवा देगा।

आरोपित ने बताया कि पहले ढाई लाख रुपये देने होंगे और नौकरी लगने के बाद चार लाख रुपये। पीड़ित ने 2019 से लेकर सितंबर 2020 तक ढाई लाख रुपये आरोपित को अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिये दिए, लेकिन एक साल बाद भी उनकी नौकरी नहीं लगी। पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपित ने पीड़ित का नंबर ब्लाक कर दिया।

वहीं, अन्य मामले में पश्चिमी जिला पुलिस के वाहन चोरी निरोधक दस्ते ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो चोरी के मोबाइल खरीदता था। दस्ते के प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को आरोपित के बारे में जानकारी मिली थी। पुलिस ने तिलक नगर इलाके में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित का नाम हिमांशु पता चला।

उसके पास से 11 मोबाइल बरामद हुए हैं। ये मोबाइल पश्चिमी और बाहरी जिला के विभिन्न इलाकों से चोरी किए गए थे। पूछताछ में उसने बताया कि मास्टरमाइंड दिलबाग सिंह है। अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि हिमांशु से पता चला कि दिलबाग दिल्ली के अलग अलग इलाकों में सक्रिय झपटमार, चोर के संपर्क में रहता है।

Edited By: Pradeep Chauhan