यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Heritage Places: दिल्ली की कुछ छुपी हुई ऐतिहासिक जगहें, जिनके बारे में नहीं जानते होंगे आप !
Delhi Heritage Places राजधानी दिल्ली में कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें छुपी हुई हैं जिनके बारे में यहां रहने के बावजूद ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। Delhi Heritage Places: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कई ऐतिहासिक धरोहर हैं। जिस तरफ भी आप निकलेंगे उस तरफ आपको एक इतिहास जानने और देखने को मिल जाएगा।
राजधानी में कई ऐतिहासिक जगहें छुपी हुई हैं जिनके बारे में दिल्ली-एनसीआर में रहने के बावजूद बहुत कम लोग ही जानते होंगे। आज हम आपको ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में बताते हैं, जहां आप वीकेंड पर फैमली या दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं।
हुमायूं का मकबरा- (Humayun Tomb)
हुमायूं का मकबरा मुगल वास्तुकला के विकास का एक मील का पत्थर है। इस मकबरे को 16वीं सदी में बनाया गया। मुगल सम्राट हुमायूं की बेगम( पत्नी) बीगा बेगम के मौत के 14 साल बाद इसे 1569-70 में बनाया गया था। उस वक्त इसे बनाने में 1.5 मिलियन रुपये की लागत आई थी। इसे बनाने वाले वास्तुकार मिराक मिर्जा घियाथ थे।

इसमें लगभग 150 कब्रें हैं। इसे उपयुक्त रूप से मुगल वंश के कब्रिस्तान के रूप में जाना जाता है। मकबरा एक बड़े बगीचे में बीच में बना है। इसकी वास्तुकला ताजमहल जैसी ही है। इसमें आप दक्षिण और पश्चिम दोनों दिशाओं से प्रवेश कर सकते हैं। मकबरा एक ऊंचे, चौड़े, सीढ़ीदार मंच पर है, जिसके किनारों पर छोटी धनुषाकार कोशिकाएं हैं।
हुमायूं का मकबरा कैसे पहुंचे- मुगल सम्राट हुमायूं का यह मकबरा दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से लगभग 2.8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यहां पहुंचकर आप टैक्सी या फिर ऑटो रिक्शा लेकर मकबरे तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
वहीं, अगर आप बस से जाना चाहते हैं तो सराय काले खां बस डिपो इस मकबरे के काफी निकट है। अगर मेट्रो से पहुंचने की बात करें तो वायलेट लाइन पर जवाहरलाल नेहरू मेट्रो स्टेशन है।
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चुन्नमल हवेली - (Chunnamal Haveli)
दिल्ली के चांदनी चौक रोड कटरा नील जगह पर यह हवेली है। यह हवेली अपना वजूद खोने के बाद भी इसकी इमारत आज भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह 140 दुकानों के बीच घिरी हुई है। शॉपिंग करने के दौरान यह दिखाई देती है।
ऐसे पहुंचे- चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन, कटरा नील के लिए एक ऑटो भी ले सकते हैं।
हिजड़ों का खानकाही - (Hijron Ka Khanqah)
लोदी युग में इस जगह को स्थापित किया गया था। यह महरौली के वार्ड-6 नई दिल्ली के पास है। इसे हिजड़ों का खानकाह के नाम से भी जाना जाता है।

यह स्थान किन्नरों के सम्मान के रूप बनाया गया एक स्मारक है। जगह के आसपास का शांत वातावरण देखने लायक है।

ऐसे पहुंचे- कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन, वहां से ऑटो लेकर आप आसानी से इस जगह पहुंच सकते हैं। ऑटो या कैब भी मिलती है।
भारद्वाज झील असोला - (Bhardwaj Lake Asola)
दिल्ली के असोला के दक्षिणी छोर में है। झील असोला वन्यजीव अभयारण्य में स्थित है। यह दिल्ली वन्यजीव विभाग द्वारा आरक्षित है। इस जगह काफी संख्या में पक्षी और जानवर पाए जाते हैं।
ऐसे पहुंचे- बदरपुर मेट्रो स्टेशन, वन्यजीव अभयारण्य तक एक ऑटो या कैब भी जाती है। फिर वहां से झील तक पैदल चलना पड़ता है।
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