नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24-25 फरवरी को हुए दंगे में शहीद हुए आइबी जवान अंकित शर्मा के परिजनों ने आरोप पत्र दाखिल होने से पहले ही दिल्ली छोड़कर उत्तर प्रदेश चले गए हैं। उनके परिवार के लोगों का कहना है कि दंगों की दहशत की वजह से खजूरी में रहना उनके लिए दुश्वार हो गया था। उन्होंने खजूरी स्थित अपने घर को किराये पर उठा दिया है।

अंकित के बड़े भाई अंकुर शर्मा ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके पिता रवींद्र शर्मा आइबी में हैं। उनके सेवानिवृत्त होने में दो वर्ष बचे हैं। उन्होंने कहा कि इस बात से उन्हें बेहद संतोष हुआ कि क्राइम ब्रांच ने जांच पूरी कर आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अब उनके परिवार को शांति उस दिन मिलेगी, जब अंकित के हत्यारोपितों को मौत की सजा मिलेगी।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि सरकार उनके भाई को शहीद का दर्जा दे, क्योंकि हत्या के समय वह ड्यूटी पर थे। अंकुर ने फोन पर बताया पिताजी की वजह से दिल्ली से दूर जाना संभव नहीं है, लेकिन फिलहाल पूरा परिवार एक सुरक्षित स्थान पर चला गया है।

 बता दें कि बुधवार को ही आइबी अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसके मुताबिक खजूरी खास इलाके में 25 फरवरी की शाम को ताहिर हुसैन के घर के सामने अंकित शर्मा की हत्या की गई। उनके शरीर पर गहरे जख्म के 51 निशान मिले थे। एक वीडियो से खुलासा हुआ है कि हत्या के बाद शर्मा के शव को भीड़ ने पास के नाले में फेंक दिया था, जिसे अगले दिन सुबह नाले से निकाला गया। पुलिस को एक वीडियो मिला है, जिसमें शव को भीड़ नाले में फेंक रही है। इस मामले में ताहिर हुसैन सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जांच में पता चला कि 24 और 25 फरवरी को न सिर्फ ताहिर दंगे का नेतृत्व कर रहा था, बल्कि उसके इशारे पर ही भीड़ ने अंकित को मौत के घाट उतारा। 

Posted By: JP Yadav

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