विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पतालों में मांगा CISF-CRPF का घेरा, केंद्र को पत्र लिखकर जताई सुरक्षा की चिंता

By Jagran NewsEdited By: Geetarjun
Published: Wed, 09 Nov 2022 03:07 PM (IST)

Delhi Resident Doctors दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम ने केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ...और पढ़ें

रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पतालों में मांगा CISF-CRPF का घेरा, केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जताई सुरक्षा की चिंता
रेजिडेंट डॉक्टरों ने अस्पतालों में मांगा CISF-CRPF का घेरा, केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जताई सुरक्षा की चिंता

नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम ने केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण नहीं मिल पा रहा है, ताकि स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर अस्पतालों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF, सीआईएसएफ) या केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF, सीआरपीएफ) की तैनाती की मांग की है।

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि हम अपने देश के सभी डॉक्टरों की ओर से एक विनम्र अनुरोध करना चाहते हैं कि कृपया उनके अस्पताल में CISF/CRPF को तैनात करें ताकि वे एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में स्वतंत्र रूप से काम कर सकें।

शरारती तत्वों से चाहते हैं सुरक्षा

पत्र में कहा गया है कि डॉक्टरों ने COVID के दौरान दिन-रात कड़ी मेहनत की और आज तक वे घर और परिवार से दूर अथक परिश्रम करते हैं। वे केवल सरकार द्वारा मरीजों से नहीं बल्कि समाज के शरारती तत्वों से सुरक्षा चाहते हैं।

ये भी पढ़ें- Delhi University: लॉ के एग्जाम रिजल्ट में लापरवाही, कई छात्रों को दिया जीरो; ABVP के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्र

बाउंसरों की हटाया गया

हाल ही में उप निदेशक डॉ वीके शर्मा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और एसएमटी एसके अस्पताल द्वारा एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें कहा गया कि वो एलएमसी और संबंधित अस्पताल में मार्शल/बाउंसर की सेवाओं को तत्काल प्रभाव से हटाना चाहते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया के निर्देश के बाद लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और संबंधित अस्पतालों से मार्शलों, बाउंसरों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गईं।