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Delhi: कार के दरवाजे में छिपाता पिस्टल, पंजाब के बदमाशों को करता सप्लाई, स्पेशल सेल ने पकड़ा अंतरराज्यीय हथियार तस्कर

Delhi Crime News दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने अंतरराज्यीय हथियार तस्कर तरुण मेहरा को गिरफ्तार किया है। चेकिंग व पकड़़े जाने से बचने के लिए आरोपित ने पिस्टल छिपाने के लिए कार के दरवाजे में गोपनीय केविटी बनवा रखा था। कार की तलाशी लेने पर प्वाइंट 32 बोर की 10 पिस्टल बरामद की गई है।

By Rakesh Kumar Singh Edited By: Geetarjun Sun, 16 Jun 2024 05:40 PM (IST)
अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरफ्तार, एमपी की बनी 10 पिस्टल बरामद।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने अंतरराज्यीय हथियार तस्कर तरुण मेहरा को गिरफ्तार किया है। चेकिंग व पकड़़े जाने से बचने के लिए आरोपित ने पिस्टल छिपाने के लिए कार के दरवाजे में गोपनीय केविटी बनवा रखा था। कार की तलाशी लेने पर प्वाइंट 32 बोर की 10 पिस्टल बरामद की गई है।

उक्त अवैध पिस्टल की आपूर्ति पंजाब के बदमाशों को की जानी थी। यह दिल्ली और पंजाब के बदमाशों को ड्रग्स, अवैध हथियार व कारतूस की आपूर्ति करता था। डीसीपी स्पेशल सेल प्रतीक्षा गोदारा के मुताबिक तरुण मेहरा, पूर्वी उत्तम नगर का रहने वाला है।

एसीपी ललित मोहन नेगी और हृदय भूषण के नेतृत्व में इंस्पेक्टर प्रवीण दुग्गल और राकेश राणा की टीम ने हथियार तस्कर को छह जून को मेन गेट आईपी पार्क, रिंग रोड के पास से उस समय दबोच लिया जब वह अपनी कार के दरवाजे की केविटी में 10 पिस्टल छिपा कर ले जा रहा था।

हथियार तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान के क्रम में स्पेशल सेल को इनपुट मिला कि एक तस्कर सफेद रंग की कार में रात साढे आठ बजे से साढे नौ बजे के बीच आइपी पार्क, रिंग रोड के पास आएगा और उसके पास अवैध हथियार होंगे।

उक्त सूचना पर पुलिस टीम ने सफेद रंग की कोरोला एल्टिस कार कोई आईपी पार्क के पास रोककर पुलिस ने जब ड्राइवर का नाम पूछा तब तरुण मेहरा नाम बताते ही उसे पकड़ लिया गया। उसकी कार की तलाशी लेने पर उक्त कार के दोनों तरफ के सामने वाले दरवाजों की केविटी में छिपाकर रखी गई 10 अवैध पिस्टल बरामद हुईं।

तरुण मेहरा ने बताया कि उसने बरामद हथियार एक दिन पहले बुरहानपुर, एमपी के एक हथियार डीलर से खरीदे थे और इन हथियारों को पंजाब के बदमाशों को पहुंचाना था।

तरुण मेहरा ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और बाद में वह ब्रिटेन और अन्य देशों में स्थित ज्वैलर्स को सोना निर्यात करने के अपने पारिवारिक व्यवसाय में शामिल हो गया। पिता की मृत्यु के बाद उसे अपने सोने के आभूषण व्यवसाय में भारी घाटा हो गया।

पंजाब आने जाने के दौरान उसकी दोस्ती भटिंडा के रहने वाले विशाल से हुई, जिसने उसे जल्द पैसा कमाने के लिए ड्रग्स का धंधा करने के लिए कहा। 2014-15 के बीच वह उत्तम नगर इलाके में किराए पर रहा था, जहां वह लकी के कोड नाम से नाइजीरियाई मूल के एक व्यक्ति के संपर्क में आया।

उससे तरुण मेहरा ने ड्रग्स खरीद कर पंजाब में विशाल को सप्लाई करना शुरू कर दिया। 2017 में आरोपित को पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट मामले में गिरफ्तार कर लिया था, जमानत पर छूटने के बाद उसने विशाल और अन्य साथियों को ड्रग्स सप्लाई करना जारी रखा। 2018 में उसे फिर पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में दो बार गिरफ्तार किया।

अमृतसर जेल में तरुण मेहरा पंजाब के अमृतसर के एक स्थानीय अपराधी साहिल उर्फ कालू के संपर्क में आया, जो ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी में लिप्त था। साहिल उर्फ कालू ने तरुण मेहरा को अच्छे मुनाफे के बदले अवैध हथियार मुहैया कराने के लिए कहा और उसे बुरहानपुर, मध्य प्रदेश स्थित एक हथियार आपूर्तिकर्ता जेडी से टेलीफोन से बात कराई।

तरुण 2022 में जेल से बाहर आने के बाद बुरहानपुर में जेडी से मिला। इसके बाद उसने बुरहानपुर से दिल्ली और पंजाब तक अवैध हथियारों को ले जाने के लिए अपनी कार का इस्तेमाल किया। वह साहिल उर्फ कालू के सहयोगियों को अवैध हथियारों की डिलीवरी देता था। तरुण मेहरा और उसके साथियों को चंडीगढ़ पुलिस ने तब गिरफ्तार किया था जब उसने कई नौकरी चाहने वालों को नौकरी दिलाने का लालच देकर अपने बैंक खाते में रकम प्राप्त की थी।

उन्हें दिल्ली पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था जब उन्हें अवैध शराब के उद्देश्य से अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में अवैध शराब ले जाते हुए पाया गया था। तरुण के खिलाफ पंजाब में चार व दिल्ली में पहले का एक केस दर्ज है।