विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Unitech Case News: तिहाड़ जेल अधीक्षक सहित 30 निलंबित, लगे हैं बेहद गंभीर आरोप

By Jp YadavEdited By:
Published: Wed, 13 Oct 2021 07:45 AM (IST)Updated: Thu, 14 Oct 2021 09:18 AM (IST)

Unitech Case News यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को जेल में नियमों को ताक पर रखकर ...और पढ़ें

Unitech Case News: तिहाड़ जेल के 32 अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला
Unitech Case News: तिहाड़ जेल के 32 अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला

नई दिल्ली [गौतम कुमार मिश्र]। धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश के आरोपित यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को जेल में नियमों को ताख पर रखकर गैर कानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से 32 जेलकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद अब आरोपितों पर जेल प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपितों में से 30 को निलंबित कर दिया गया है, वहीं दो को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं। जिन दो आरोपितों को बर्खास्त किया जा रहा है, वे अनुबंध पर कार्यरत थे।

जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि जिन 30 जेलकर्मियों को निलंबित किया गया है, उनमें एक अधीक्षक, एक उपाधीक्षक, सात सहायक अधीक्षक, 10 हेड वार्डर व 11 वार्डर शामिल हैं। अनुबंध पर कार्यरत जिन दो जेलकर्मियों को बर्खास्त किया जा रहा है, उनमें एक डाटा एंट्री आपरेटर व दूसरा नर्सिंग अर्दली शामिल हैं। निलंबन के बाद सभी आरोपितों को पुलिस की जांच के अलावा अब विभागीय जांच का भी सामना करना पड़ेगा। विभागीय जांच में आरोपितों का दोष साबित होता है तो संभव है कि जिन 30 जेलकर्मियों को अभी निलंबन का सामना करना पड़ रहा है, उन सभी को बर्खास्तगी का भी सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त को निर्देश दिया था कि यूनिटेक के पूर्व प्रमोटरों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को जेल के भीतर अनुचित सहयोग देने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट पर दिल्ली पुलिस आयुक्त से कहा था कि इस मामले में जेल अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए। प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट में कहा गया था कि चंद्रा बंधु तिहाड़ जेल से अपनी गतिविधियां और कारोबार चला रहे थे।

यहां पर बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट में कहा गया था कि चंद्रा बंधु तिहाड़ जेल से अपनी गतिविधियां और कारोबार चला रहे थे। इस काम में जेल अधिकारी उनकी मदद कर रहे थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चंद्रा बंधुओं को तिहाड़ जेल से मुंबई के ऑर्थर रोड जेल और महाराष्ट्र के तलोजा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। दिल्ली पुलिस की ओर से 28 सितंबर को कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई। सुनवाई के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को छह अक्टूबर को इस मामले में आपराधिक जांच करने को कहा था।