नई दिल्ली, जेएनएन। लेनदेन के विवाद में दो महीने पहले नंदनगरी के एक बुजुर्ग ज्वेलर की हत्या कर दी गई, लेकिन वारदात का अब पता चला है। इलाके में रहने वाले दो लोग कुंभ नहाने के बहाने उन्हें अपने साथ कार में ले गए, लेकिन रास्ते में लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर उनकी हत्या कर दी गई।

आरोपितों ने वारदात से पहले रास्ते में अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। इस वजह से पुलिस को आरोपितों और पीड़ित के लोकेशन अलग-अलग मिले। लेकिन गूगल डाटा लोकेशन की मदद से आखिरकार पुलिस ने इस केस को सुलझा लिया। पुलिस ने मामले में दो प्रॉपर्टी डीलरों राजेश (35) और सागर (30) को गिरफ्तार किया है। दोनों ने राम करण वर्मा (65) की दो मार्च को गला दबाकर हत्या कर दी। शव को लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज इलाके में फेंक दिया था।

4 मार्च को पीड़ित परिवार ने की थी शिकायत
आठ मार्च को कोतवाली पुलिस ने रामकरण का शव बरामद भी कर लिया था, लेकिन पहचान न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया। दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि चार मार्च को नंदनगरी निवासी सुनील वर्मा ने अपने पिता रामकरण वर्मा के गायब होने की शिकायत पुलिस को दी थी।

सुनील ने पिता के जानकार प्रॉपर्टी डीलर राजेश व सागर पर पिता को गायब करने का आरोप लगाया। सुनील ने बताया कि उसके पिता ज्लेवरी की दुकान चलाने के अलावा प्रॉपर्टी डीलिंग भी करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने साथ जाने की बात से इनकार कर दिया।

पुलिस को चकमा देने के लिए किया ये काम

पुलिस को दोनों के मोबाइल की लोकेशन भी पीड़ित से अलग मिली। पीड़ित परिवार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद पुलिस ने 20 मार्च को अपहरण का केस दर्ज कर लिया। एसीपी आनंद मिश्र की देखरेख में टीम का गठन किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपितों के मोबाइल की सीडीआर (कॉल डाटा रिकार्ड) भी निकलवाई, लेकिन उससे भी सफलता नहीं मिली। टीम मामले की जांच के लिए लखनऊ भी गई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली। राकेश और सागर के मोबाइल के गूगल लोकेशन डाटा की जांच की तो दोनों की लोकेशन लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पीड़ित के साथ मिली। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनसे सख्ती से पूछताछ की तो आरोपित टूट गए।

13 लाख की संपत्ति कर दी थी आरोपितों के नाम
रामकरण ने दोनों आरोपितों से 18 लाख रुपये उधार लिये थे, लेकिन लौटा नहीं पा रहे थे। रामकरण ने रुपये के बदले 13 लाख की संपत्ति आरोपितों के नाम कर दी। बाकी पैसे जल्द देने का आश्वासन दिया, लेकिन इस बीच आरोपितों ने हत्या की साजिश रच डाली। नई कार से रामकरण को कुंभ चलने के बहाने अपने साथ लेकर नंदनगरी से निकल गए और रास्ते में वारदात को अंजाम देकर लौट गए।

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Posted By: Mangal Yadav

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