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New Parliament Inauguration: हाई लेवल सिक्योरिटी के बीच होगा नए संसद भवन का उद्घाटन, पुलिस ने बुलाई मीटिंग

New Parliament Inauguration राजधानी दिल्ली में 28 मई को हाई लेवल सिक्योरिटी के बीच नए संसद भवन का उद्घाटन किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आज एक बैठक बुलाई गई है। इसमें सुरक्षा को लेकर प्लान तैयार होगा।

By Abhishek TiwariEdited By: Abhishek TiwariThu, 25 May 2023 12:49 PM (IST)
New Parliament Inauguration: हाई लेवल सिक्योरिटी के बीच होगा नए संसद भवन का उद्घाटन

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। नए संसद भवन के उद्घाटन (New Parliament Inauguration) के दिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस विशेष रूप से नई दिल्ली जिले में सुरक्षा बढ़ा रही है। आयोजन स्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की जाएगी और बोर्डिंग जिलों में बहुस्तरीय सुरक्षा चौकियां बनाई जाएंगी।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में हो रही हाई लेवल मीटिंग

कुछ विपक्षी दलों द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन का विरोध करने और जंतर-मंतर पर पहलवानों के प्रदर्शन को देखते हुए, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने 28 मई की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आज गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

— ANI (@ANI) May 25, 2023

नए संसद भवन के उद्घाटन पर क्यों है विवाद?

नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति को नहीं बुलाए जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस समेत 20 विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इस विशिष्ट समारोह का बहिष्कार करने का एलान किया है। कहा-जब लोकतंत्र के आत्मा को ही संसद से निष्कासित कर दिया गया है, तब हमें नई इमारत में कोई मूल्य नहीं दिखता।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को दरकिनार कर खुद उद्घाटन करने का पीएम का निर्णय न केवल राष्ट्रपति का गंभीर अपमान है, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने 28 मई को होने वाले नए संसद भवन के उ²द्घाटन समारोह को पूरी तरह प्रधानमंत्री केंद्रित बना डाला है। हम निरंकुश पीएम और उनकी सरकार के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे और अपना संदेश देश के लोगों तक ले जाएंगे।

विपक्षी दलों ने बहिष्कार के अपने फैसले को जायज ठहराते हुए साझा बयान में संसद की नई इमारत के निर्माण से लेकर उ²द्घाटन से जुड़े विवाद के कई बिंदुओं का हवाला देते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।

इसमें कहा गया है कि नई संसद का निर्माण निरंकुश तरीके से किया गया। कोविड जैसी महामारी के दौरान बड़ी रकम खर्च की गई। इसमें भारत के लोगों या सांसदों से कोई परामर्श नहीं किया गया।

ये हैं बहिष्कार करने वाले दल

कांग्रेस, टीएमसी, आप, सपा, राजद, द्रमुक, जदयू, शिवसेना (यूबीटी), माकपा, भाकपा, एनसीपी, आइयूएमएल, झामुमो, केरल कांग्रेस (मणि), केएसपी, वीसीके, एमडीएमके, राष्ट्रीय लोकदल, आरएसपी, एआइयूडीएफ। भारत राष्ट्र समिति ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।

संकेत हैं कि वह भी समारोह से दूरी बना सकती है। एआइएमआइएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि स्पीकर ने नए भवन का उ²द्घाटन नहीं किया तो उनकी पार्टी समारोह में शामिल नहीं होगी।

ये दल समारोह में लेंगे भाग

आंध्र में सत्तारूढ़ वाईएसआरएसपी, शिअद, बीजद, टीडीपी। ये सभी दल एनडीए का हिस्सा नहीं हैं।