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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Passport Verification: महज 5 दिन में हो जाएगा पासपोर्ट का सत्यापन, अमित शाह बोले- मोबाइल से होगा वेरिफिकेशन

By Sonu RanaEdited By: Abhi Malviya
Published: Thu, 16 Feb 2023 10:39 PM (IST)

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस सत्यापन में अब 15 ...और पढ़ें

पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 15 दिन का समय नहीं लगेगा, बल्कि मात्र 5 दिन में सत्यापन हो जाएगा।
पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 15 दिन का समय नहीं लगेगा, बल्कि मात्र 5 दिन में सत्यापन हो जाएगा।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस सत्यापन में अब 15 दिन का समय नहीं लगेगा, बल्कि मात्र पांच दिन में ही आनलाइन माध्यम से सत्यापन हो जाएगा। दिल्ली पुलिस के 76वें स्थापना दिवस पर किंग्सवे कैंप में आयोजित समारोह में परेड की सलामी लेने के बाद शाह ने पासपोर्ट सत्यापन की पूर्णतया आनलाइन सुविधा का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सिविल लाइंस थाने को बेस्ट पुलिस स्टेशन का पुरस्कार दिया गया।

अमित शाह ने किया लोकार्पण

अमित शाह ने इस अवसर पर दिल्ली पुलिस में शामिल किए गए मोबाइल फोरेंसिक वाहनों को भी जनता को समर्पित किया। उन्होंने नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) के दिल्ली कैंपस के शैक्षणिक संकुल का भी लोकार्पण किया। पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों के लिए समय काफी कीमती है। इसे देखते हुए दिल्ली में मोबाइल टैबलेट द्वारा पासपोर्ट एप्लीकेशन सत्यापन सुविधा की शुरुआत की गई है।

अब मोबाइल टैबलेट से पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन किया जाएगा, जिससे पांच दिन में ही आनलाइन पुलिस सत्यापन हो जाएगा। इसके लिए अब लोगों को कहीं जाना नहीं पड़ेगा। अमित शाह ने कहा कि सिर्फ दिल्ली में ही औसतन रोजाना दो हजार से ज्यादा पासपोर्ट के आनलाइन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। आनलाइन सत्यापन होने से लोगों की सुविधाएं बढ़ेंगी और उनकी दिक्कतें कम होंगी।

सभी राज्यों में खुलेंगे साइंस यूनिवर्सिटी के कैम्पस

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आने वाले दिनों में आइपीसी,सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट में आमूलचूल परिवर्तन करने जा रही है। इन कानूनों को समय और संविधान की भावना के अनुकूल बनाने के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों की उपलब्धता के साथ और मजबूत बनाया जाएगा। ऐसा करने के लिए देशभर में फोरेंसिक साइंस के नेटवर्क को फैलाना होगा। उन्होंने कहा कि इनमें से एक सुधार का दिल्ली पुलिस ने ट्रायल भी शुरू कर दिया है।

छह वर्ष और इससे ज्यादा सजा वाले हर अपराध में फोरेंसिक साइंस टीम विजिट को अनिवार्य किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं और अलग-अलग प्रकार की 14 फोरेंसिक किट से युक्त ये वाहन जब क्राइम सीन पर जाएगा तब सजा दिलवाने के लिए दोष सिद्धि दर में बहुत वृद्धि होगी। इसके लिए प्रशिक्षित मैनपावर और फोरेंसिक साइंस के क्षेत्र में विशेषज्ञ युवा चाहिए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के नौ राज्यों में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) के कैम्पस की स्थापना की जा चुकी है और अगले दो वर्षों में देश के सभी राज्यों में एनएफएसयू के कैम्पस खोले जाएंगे।

ऑनलाइन सत्यापन होगा पेपरलेस और सुविधाजनक

दिल्ली में पहले 14 दिनों में पुलिस सत्यापन करने की समय सीमा निर्धारित थी। इसमें सत्यापन के लिए आवेदन प्राप्त होने के बाद स्थानीय थाने का पुलिस कर्मी आवेदक के घर जाता था। इसके बाद वह रिपोर्ट तैयार करता था, फिर इसे आफलाइन मोड में भेजता था। इस पूरी प्रक्रिया में दो सप्ताह से अधिक का समय लगता था। अब नई प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। विदेश मंत्रालय द्वारा बनाए गए एप को टैब में डाला जाएगा।

पुलिस का सत्यापन अधिकारी आनलाइन आवेदन प्राप्त होने पर आवेदक के घर जाएगा और दरवाजे पर खड़े-खड़े सीधे एप के जरिये सारी प्रक्रिया को पूरा कर अंतिम रिपोर्ट देगा। टैबलेट में जीपीएस होगा जो यह भी बता देगा कि सत्यापन अधिकारी आवेदक के घर गए थे या नहीं। पुलिस अधिकारी के अनुसार इस एप से एक दिन में कई आवेदकों का सत्यापन किया जा सकता है। चूंकि यह पेपरलेस है, ऐसे में फाइलों का झंझट भी नहीं रहेगा।