जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। प्रवासी पक्षियों को इस साल दिल्ली की आबोहवा ज्यादा रास आई है। बीते साल की तुलना में राजधानी स्थित सातों बायोडायवर्सिटी पार्कों में प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2020 में जहां 370 पक्षी पाए गए थे, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 425 तक पहुंच गई है। यह तथ्य रविवार को बिग वर्ड डे के मौके पर राजधानी के सातों बायोडायवर्सिटी पार्कों में पक्षियों की गणना के बाद सामने आया है। 

दरअसल, 21 फरवरी को बिग वर्ड डे के मौके पर दुनिया भर में बायोडायवर्सिटी पार्को और पक्षी अभ्यारण्यों आदि में पक्षियों की गणना की जाती है। ऐसे में दिल्ली स्थित यमुना, अरावली, तिलपथ वैली, कमला नेहरू रिज (नार्दर्न रिज), नीला हौज, तुगलकाबाद व कालिंदी बायोपार्कों में सुबह आठ बजे से दस बजे के बीच अलग अलग टीमों ने अनुमान के आधार पर पक्षियों की गणना की थी। 

गणना के बाद जो निष्कर्ष उभर कर सामने आए हैं, उससे साफ पता चलता है कि दिल्ली के बायोडावर्सिटी पार्को में पक्षियों के प्रवास के लिए पूरी तरह से अनुकूलित वातावरण है, जो प्रवासी पक्षियों की अपनी ओर खींचता है। यह गणना इस तथ्य को भी रेखांकित करता है कि बढ़ते प्रदूषण के बीच शहरी परिवेश में करीब तीन हजार एकड़ में फैले सातों बायोडायवर्सिटी पार्क महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। गणना में प्रवासी पक्षियों के महत्वपूर्ण विविध प्रजातियां भी मिलीं।

मसलन, यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क में पाइड एवोसेट, अरावली में व्हाइट कैप्ड बंटिंग, नार्दन रिज में बूटेड इगल, कालिंदी में फेरूजिनस पोचार्ड जैसी प्रजातियां कलरव करती दिखाई दीं। यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क के प्रभारी वैज्ञानिक डाक्टर फैयाज खुदसर ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा की वजहों में कोरेाना काल में लाकडाउन के दौरान वातावरण के प्राकृतिक स्वरूप में लौटना अहम कारण तो है, इसके अलावा दिल्ली के बायोडायवर्सिटी पार्क में पारिस्थतिकी तंत्र का विकास भी अहम कारक हैं। 

ये हैं बायोडायवर्सिटी पार्क 

  • नार्दर्न रिज
  • यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क
  • नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क
  • तिलपथ वैली बायोडायवर्सिटी पार्क
  • अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क
  • तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क
  • कालिंदी बायोडायवर्सिटी पार्क 

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