नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की तरफ से ग्रैप (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) के तहत एक नवंबर को लगाए गए सभी तरह के प्रतिबंधों को 8 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है।

इसके तहत दिल्ली व एनसीआर में हॉट मिक्स प्लांट पर भी प्रतिबंध की मियाद को बढ़ा दिया है। साथ ही साथ ही कोयले और जैव ईंधन के साथ ही उन सभी उद्योगों को बंद रखने का फैसला किया गया है जो प्राकृतिक गैस के बजाय किसी प्रदूषणकारी ईंधन से चलाए जा रहे हैं।

ईपीसीए के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यो पर प्रतिबंध लगा रहेगा। हमारी तरफ से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के नेतृत्व में प्रदूषण पर निगरानी कर रही टास्क फोर्स के साथ बैठक हुई। जिसमें प्रदूषण के ताजा हालात की समीक्षा की गई है।

इसमें यह पाया है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर अभी भी खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है। ऐसे में सभी तरह के प्रतिबंधों को 8 नवंबर तक जारी रखना जरूरी है। 2 और 3 नवंबर को हुई बारिश ने दिल्ली के वातावरण में नमी को भी प्रदूषक कणों के साथ जोड़ दिया। हमें स्थानीय स्तर के प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इसके लिए हमें जरूरत है अधिक मुस्तैदी की और रात के वक्त पैट्रोलिंग करने की जिससे प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

यह भी जानें

  • ईपीसीए ने पीएनजी के बिना चल रहे उद्योगों, निर्माण कार्य, हॉट मिक्स प्लांट व स्टोन क्रशर को भी बंद रखने का आदेश
  • हॉट मिक्स प्लांट व स्टोन क्रशर (पत्थर तोड़ने वाले संयंत्र) एनसीआर के सभी जिलों में 8 नवंबर तक बंद रहेंगे।
  • कोयले और ईंधन से चलने वाले सभी उद्योग फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, सोनीपत,पानीपत, बहादुरगढ़ और भिवाड़ी में 8 नवंबर तक बंद रहेंगे।
  • इसके अलावा सर्दियों पूरे मौसम में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

दिल्ली-एनसीआर की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

Posted By: Mangal Yadav

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप